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प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। बिहार की राजनीति में अपने अलग अंदाज और विवादित बयानों के लिए अक्सर चर्चा में रहने वाले गोपालपुर के पूर्व विधायक नरेंद्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल एक बार फिर सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं। इस बार मामला किसी बयान या मंचीय विवाद का नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में वीआईपी बैरिकेडिंग पार करने की उनकी कोशिश का है। घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें समर्थक पुलिस से उन्हें अंदर जाने देने की गुहार लगाते नजर आते हैं और कुछ ही पल बाद गोपाल मंडल खुद बांस की बैरिकेडिंग लांघकर वीआईपी क्षेत्र की ओर बढ़ जाते हैं।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में हुआ घटनाक्रम:
बुधवार को भागलपुर जिले के काशिल गांव में राज्य सरकार के 211 नए डिग्री कॉलेजों के शुभारंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का कार्यक्रम आयोजित था। कार्यक्रम में कई मंत्री, सांसद, विधायक, वरिष्ठ अधिकारी और प्रशासनिक अमला मौजूद था। सुरक्षा व्यवस्था के तहत वीआईपी जोन में प्रवेश के लिए पास अनिवार्य था।
इसी दौरान गोपाल मंडल कार्यक्रम स्थल पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने प्रोटोकॉल के तहत उनसे वीआईपी पास मांगा और आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद उनके समर्थकों और पुलिस के बीच दिलचस्प संवाद शुरू हो गया।
‘अरे भाई… बूढ़े हो गए हैं, जाने दीजिए’:
वीडियो में एक समर्थक पुलिसकर्मियों से कहता सुनाई देता है – ‘अरे भाई, पूर्व विधायक हैं… बूढ़े हो गए हैं, जाने दीजिए।’ दूसरा समर्थक जोड़ता है –
‘ये कोई मामूली विधायक नहीं हैं, हैट्रिक विधायक रहे हैं… नीतीश कुमार के सबसे दुलारे हैं। अंदर सिर्फ यही जाएंगे।’
समर्थकों की अपील के बीच गोपाल मंडल ने इंतजार करने के बजाय बांस की बैरिकेडिंग फांद दी और सीधे वीआईपी पंडाल की ओर बढ़ गए। पीछे से समर्थक आवाज लगाते रहे – ‘विधायक जी… लौटते समय हमसे मिलते हुए आइएगा।’
पुलिस ने नहीं किया बड़ा विरोध:
वीडियो में दिखाई देता है कि बैरिकेडिंग पार करने के बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए कोई सख्त कार्रवाई नहीं की। इसके बाद वे कार्यक्रम स्थल के अंदर पहुंच गए। पूरे घटनाक्रम को वहां मौजूद लोगों ने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा है।
बदले राजनीतिक समीकरणों की भी चर्चा:
राजनीतिक हलकों में इस घटना को गोपाल मंडल की बदलती राजनीतिक स्थिति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। जदयू से टिकट नहीं मिलने और बाद में निर्दलीय चुनाव हारने के बाद उनका राजनीतिक प्रभाव पहले जैसा नहीं माना जाता। प्रशासनिक कार्यक्रमों में भी अब उन्हें पहले जैसी प्राथमिकता नहीं मिलती। बावजूद इसके, उनकी हर सार्वजनिक मौजूदगी किसी न किसी वजह से चर्चा का विषय बन जाती है।
पहले भी रहे हैं सुर्खियों में:
गोपाल मंडल इससे पहले भी कई कारणों से राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रह चुके हैं। कभी ट्रेन में असामान्य पहनावे को लेकर, कभी सार्वजनिक आयोजनों में नृत्य करते हुए, तो कभी अपने बयानों और विवादित आचरण को लेकर वे लगातार खबरों में रहे हैं। अब वीआईपी बैरिकेडिंग पार करने का यह नया वीडियो एक बार फिर उन्हें सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा के केंद्र में ले आया है।
फिलहाल, इस वायरल वीडियो पर प्रशासन या गोपाल मंडल की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

















