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ट्रायल सफल, एक लेन से शुरू होगा आवागमन; नाविकों द्वारा अवैध वसूली पर होगी एफआईआर और नाव जब्त

भागलपुर । विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत एवं तकनीकी परीक्षण कार्य पूरा होने के बाद आगामी 7 जून से सेतु पर वाहनों का परिचालन पुनः शुरू कर दिया जाएगा। इस संबंध में शुक्रवार को भागलपुर के समीक्षा भवन में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव की संयुक्त उपस्थिति में आयोजित प्रेस वार्ता में विस्तृत जानकारी दी गई।

जिलाधिकारी ने बताया कि सेतु की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्तरों पर तकनीकी परीक्षण और ट्रायल रन सफलतापूर्वक पूरे कर लिए गए हैं। 6 जून की शाम चिकित्सकों, मीडिया प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में अंतिम परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद 7 जून को पूर्वाह्न करीब 11 बजे से आम वाहनों के लिए सेतु को खोल दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि शुरुआती चरण में सेतु की केवल एक लेन, जिसकी चौड़ाई लगभग पांच मीटर है, यातायात के लिए खोली जाएगी। इस मार्ग से केवल छोटे एवं मध्यम श्रेणी के वाहन, जिनकी भार क्षमता अधिकतम 10 टन होगी, गुजर सकेंगे। आम लोगों की सुविधा को देखते हुए ट्रैक्टर, मैजिक, छोटे यात्री वाहन तथा पिकअप वैन जैसे हल्के मालवाहक वाहनों को प्राथमिकता दी जाएगी।

नाव सेवा रहेगी पूरी तरह निःशुल्क

जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार बरारी घाट एवं महादेवपुर घाट के बीच संचालित सभी नाव सेवाएं पूरी तरह निःशुल्क रहेंगी। नाविकों को निर्धारित राशि जिला प्रशासन द्वारा उनके खातों में उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी नाविक द्वारा यात्रियों से अवैध रूप से किराया वसूले जाने की शिकायत मिलती है तो संबंधित नाविक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर उसकी नाव जब्त कर ली जाएगी। प्रशासन इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही या मनमानी को बर्दाश्त नहीं करेगा।

सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम

सेतु पर यातायात संचालन को सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने के लिए दोनों छोरों—महादेवपुर घाट और बरारी घाट—पर दंडाधिकारियों, पुलिस बल एवं क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) की तैनाती की गई है। पूरे क्षेत्र की निगरानी ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से चौबीसों घंटे कंट्रोल रूम से की जाएगी।

यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए वन-वे प्रणाली लागू की जाएगी। इसके तहत लाल और हरे सिग्नल आधारित ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली का उपयोग होगा। पुलिस बल की तैनाती तीन पालियों में की जाएगी, ताकि 24 घंटे प्रभावी निगरानी और नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।

अफरातफरी से बचें, प्रशासन का सहयोग करें

जिलाधिकारी ने आम नागरिकों से अपील की कि वे धैर्य और अनुशासन बनाए रखें तथा निर्धारित कतार व्यवस्था का पालन करें। उन्होंने कहा कि शुरुआती दिनों में वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था के कारण 5 से 10 मिनट तक प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है, लेकिन लोगों को धैर्यपूर्वक प्रशासन का सहयोग करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि कोई नाविक अथवा असामाजिक तत्व अवैध राशि की मांग करता है या यातायात व्यवस्था में बाधा उत्पन्न करता है, तो उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग कर मौके पर मौजूद दंडाधिकारी अथवा पुलिस अधिकारियों को उपलब्ध कराएं, ताकि उसके विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई की जा सके।

ट्रायल के बाद जनता के लिए खुलेगा पुल : एसएसपी

वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि पुल निर्माण एवं मरम्मत का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। सफल ट्रायल रन के बाद इसे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। यातायात वन-वे व्यवस्था के तहत संचालित होगा तथा दोनों छोरों पर चौबीसों घंटे पुलिस बल की तैनाती रहेगी।

 

उन्होंने बताया कि ट्रैफिक नियंत्रण को प्रभावी बनाने के लिए रेड और ग्रीन सिग्नल की व्यवस्था की जा रही है। शुरुआती दिनों में यातायात व्यवस्था की निगरानी के लिए शिफ्टवार अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा।

प्रशासन ने दावा किया है कि विक्रमशिला सेतु पर यातायात बहाल होने से भागलपुर, कोसी और सीमांचल क्षेत्र के लाखों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी तथा पिछले एक माह से प्रभावित आवागमन व्यवस्था पुनः सामान्य हो सकेगी।

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