5
(1)

महिला सशक्तीकरण हेतु नीतीश सरकार के प्रयासों को महिलाओं ने सराहा

1815 ग्राम संगठनों में महिला संवाद का कार्यक्रम संपन्न

3 लाख 97 हजार महिलाओं ले चुकी हैं संवाद कार्यक्रमों में हिस्सा

35 हजार आकांक्षाओं को मोबाइल एप में किया जा चुका है दर्ज

भागलपुर। बिहार सरकार द्वारा क्रियान्वित योजनाओं के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने एवं राज्य के नीति निर्धारण में महिलाओं का मंतव्य प्राप्त करने के उद्देश्य से आयोजित किये जा रहे महिला संवाद कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्र की लाखों महिलाओं ने बेहद उत्साह के साथ हिस्सा लिया। इस दौरान महिलाएं संवाद में शामिल हुईं और अपनी बातों को खुलकर सामने रखा। जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक सुनिर्मल गरेन ने बताया कि जिले में पिछले 2 माह से प्रत्येक दिन लगातार 30 ग्राम संगठनों में महिला संवाद का आयोजन किया गया। निर्धारित 1820 ग्राम संगठनों में से 1815 में संवाद का आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हो चुका है। अब तक 3 लाख 97 हजार से अधिक महिलाओं ने हिस्सा लिया। यह एक ऐतिहासिक कदम है, जब जिले के ग्रामीण क्षेत्र में करीब 4 लाख महिलाओं ने एक साथ संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया। संवाद कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने नीतीश सरकार द्वारा संचालित योजनाओें को खूब सराहा। महिलाओं ने कहा कि सरकार की योजना की बदौलत बिहार की महिलाएं काफी सशक्त हुई हैं। बिहपुर प्रखंड के हरियो पंचायत में आयोजित महिला संवाद कार्यक्रम में मंगलवार को आयोजित संवाद कार्यक्रम में सपना देवी ने कहा कि सरकार की योजना का लाभ लेकर आज वह उद्यमी बनी है। इसके पहले वह एक सामान्य गृहणी थी लेकिन सरकार के प्रयास एवं योजना का लाभ लेकर उन्होंने उद्यम के क्षेत्र में कदम रखा। इसी तरह सबौर प्रखंड की रहने वाली संजू देवी कहती है कि दीदी की रसोई जैसी गतिविधि की शुरुआत करने से महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित हुए। इस गतिविधि से जुड़कर कई महिलाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। सरकार की इस पहल से महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं।

कहलगांव प्रखंड की रहने वाली सविता देवी कहती हैं कि सरकार ने हाल ही में निर्णय लिया है कि प्रखंड सह अंचल कार्यालयों की साफ-सफाई का कार्य जीविका स्वयं सहायता समूह की दीदियां करेंगी। इस कार्य से कई जीविका दीदियों को रोजगार मिलेगा। बिहार सरकार महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में कई कदम उठा रही है। इससे उनके जीवन में काफी बदलाव आया है। दूसरी तरफ, संवाद कार्यक्रम में महिलाओं ने योजनाओं में सुधार पर भी जोर दिया। संवाद के दौरान महिलाओं ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने, रोजगार के अन्य प्रकार के अवसरों का सृजन करने, ग्रामीण स्तर पर बच्चों के लिए अच्छी शिक्षा, खेल-कूद की सुविधा, किसानों के लिए अनाज भंडारण हेतु गोदाम का निर्माण कराने जैसे विषयों को प्राथमिकता के साथ रखा। इसके अलावा स्वयं सहायता समूह स्तर पर उद्यम की स्थापना हेतु सस्ती दरों पर ऋण की व्यवस्था करने एवं महिलाओं द्वारा उत्पादित वस्तुओं के विपणन के लिए बाजार की उपलब्धता की मांग की है। महिला संवाद जैसे ऐतिहासिक पहल से बिहार एक बार फिर महिला सशक्तीकरण की दिशा में नया अध्याय लिखने की तैयारी में हैं। महिला संवाद के माध्यम से राज्य भर में करीब एक करोड़ से अधिक महिलाएं सरकार के संवाद कार्यक्रम से जुड़ीं। महिलाओं से प्राप्त होने वाले मंतव्यों से सरकार को नीति निर्धारण में मदद मिलेगी।

Aapko Yah News Kaise Laga.

Click on a star to rate it!

Average rating 5 / 5. Vote count: 1

No votes so far! Be the first to rate this post.

Share: