3
(2)

24 लाख से अधिक की राशि भुगतान को लेकर प्रधान सचिव की अध्यक्षता में बनेगा जांच बोर्ड

भागलपुर के मायागंज अस्पताल में पदस्थापित नर्स प्रतिमा कुमारी-6 को तीन वर्षों तक अनुपस्थित रहने के बावजूद वेतन और वेतनवृद्धि (इंक्रीमेंट) दिए जाने के मामले की जांच अब प्रधान सचिव की अध्यक्षता में गठित जांच बोर्ड करेगा।

जानकारी के अनुसार, प्रतिमा कुमारी मार्च 2022 से फरवरी 2025 तक लगातार ड्यूटी से अनुपस्थित थीं। इसके बावजूद उन्हें 24 लाख 25 हजार 304 रुपये का वेतन एवं अन्य लाभ दिए गए। इस पर सवाल खड़े होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच बोर्ड गठित करने का निर्णय लिया है।

अस्पताल अधीक्षक डॉ. अविलेश कुमार से इस प्रकरण पर पटना मुख्यालय द्वारा रिपोर्ट मांगी गई है। इसके लिए अधीक्षक को मुख्यालय बुलाया भी गया था। इस दौरान यह जानकारी भी जुटाई गई कि वेतन जारी करने में अधीक्षक कार्यालय के किन कर्मचारियों की भूमिका रही।

मामले का खुलासा तब हुआ जब अप्रैल 2025 में पूर्व अधीक्षक डॉ. हेमशंकर शर्मा के पास प्रतिमा कुमारी का वेतन भुगतान संबंधित कागज पहुंचा। जांच में पता चला कि वह तीन वर्षों से ड्यूटी पर नहीं आई थीं।

इस संबंध में नर्स प्रतिमा कुमारी ने बताया कि 21 मार्च 2022 को कोलकाता के आरएनटी अस्पताल में उनका ऑपरेशन हुआ था, जिसमें एक किडनी निकाल दी गई थी। बायोप्सी रिपोर्ट में कार्सिनोमा (कैंसर) के लक्षण पाए गए थे। इसके बाद वह स्वास्थ्य लाभ के लिए अपने पति के साथ कोलकाता में रहने लगीं। उन्होंने अपनी तबीयत की जानकारी और संबंधित मेडिकल दस्तावेज अधीक्षक कार्यालय को दिए थे।

प्रतिमा कुमारी ने बताया कि इस वर्ष 29 अप्रैल से उन्होंने पुनः ड्यूटी ज्वॉइन कर ली है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जांच बोर्ड किस निष्कर्ष पर पहुंचता है और वेतन भुगतान में दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।

Aapko Yah News Kaise Laga.

Click on a star to rate it!

Average rating 3 / 5. Vote count: 2

No votes so far! Be the first to rate this post.

Share: