



भागलपुर जिले के पीरपैंती स्थित चौखंडी पुल के टूटे हुए दस माह बीत जाने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं होने पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों ग्रामीणों ने टूटे हुए पुल पर पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और जनप्रतिनिधियों व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही वैकल्पिक रास्ता या अस्थायी पुल नहीं बनाया गया तो वे आगामी विधानसभा चुनाव में मतदान का बहिष्कार करेंगे।

ग्रामीणों का कहना था कि पिछले साल आई बाढ़ में यह महत्वपूर्ण पुल बह गया था, जिससे चौखंडी, बाखरपुर, बाबूपुर, झारखंड और कटिहार से जुड़ने वाला मुख्य संपर्क मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया है। इसके बाद से लोग खेतों के रास्तों से आवाजाही कर रहे थे, लेकिन इस साल की बाढ़ ने वह रास्ता भी बाधित कर दिया है। अब हजारों लोग कई किलोमीटर लंबा चक्कर लगाकर अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं। इस कारण बच्चों का स्कूल जाना भी मुश्किल हो गया है और शादियों में भी भारी परेशानी उत्पन्न हो रही है।

ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ का पानी पुल के चारों ओर भर जाने से कई समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं। स्कूल जाने वाले बच्चे अब नहीं जा पा रहे हैं और गांवों में शादियों की तिथियां निकली हैं, लेकिन आवागमन की समस्या के कारण आयोजनों में भी विघ्न आ रहा है।
इस मुद्दे को लेकर ग्रामीणों ने कई बार स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को पत्र भेजे, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। उनका आरोप था कि प्रखंड स्तर के अधिकारी उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे उन्हें प्रदर्शन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ा।














