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नवगछिया। नागपंचमी का पर्व नवगछिया में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर नगरह स्थित प्रसिद्ध माँ विषहरी मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूजा-अर्चना की गई। भक्तों ने पूरे आस्था भाव से माँ विषहरी के दरबार में हाजिरी लगाई और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना की।

मंदिर परिसर में आयोजित विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज के निर्देश पर स्थानीय आचार्य एवं पंडितों द्वारा किया गया। मंदिर के पुजारी चंद्र ठाकुर ने बताया कि नागपंचमी का त्योहार श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन नाग देवता की आराधना करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और समस्त कष्टों का निवारण करते हैं।

नगरह का विषहरी मंदिर क्षेत्र में ‘माँ विषहरी धाम’ के रूप में प्रसिद्ध है। यहां हर मंगलवार और शनिवार को विशेष पूजा-अर्चना तथा भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है। नागपंचमी के दिन दूर-दराज से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और माँ विषहरी की पूजा कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

स्थानीय श्रद्धालुओं का मानना है कि माँ विषहरी की सच्चे मन से आराधना करने से हर मनोकामना पूर्ण होती है। मंदिर परिसर में दिनभर भक्तों की भीड़ लगी रही, महिलाओं ने परंपरागत रीति-रिवाजों से पूजा की और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।

नवगछिया में इस धार्मिक आयोजन से वातावरण भक्तिमय रहा और पूरा इलाका ‘जय माँ विषहरी’ के जयकारों से गूंज उठा।

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