



भागलपुर : सन्हौला क्षेत्र में बाढ़ से होने वाली समस्याओं के बीच बिजली आपूर्ति की खराब स्थिति ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। पिछले कई दिनों से क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति नियमित नहीं हो रही है, जिससे ग्रामीणों की दिनचर्या पर प्रतिकूल असर पड़ा है। कभी ट्रांसफॉर्मर जलना, कभी तार टूटना और कभी फॉल्ट होना अब यहां आम बात बन चुकी है, लेकिन बिजली विभाग की उदासीनता ने उपभोक्ताओं को परेशान कर दिया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से उन्हें सिर्फ तीन से चार घंटे ही बिजली मिल पा रही है। कई बार तो रातभर बिजली गायब रहती है, जिससे बच्चों की पढ़ाई, सिंचाई व्यवस्था, व्यापारी की दुकानदारी और सामान्य घरों का कामकाज प्रभावित हो रहा है। उमस भरी गर्मी के कारण लोग नींद तक से वंचित हो गए हैं।
लोगों ने बताया कि बिजली कटौती के कारण अब वे इनवर्टर और सोलर सिस्टम का सहारा ले रहे हैं, लेकिन यह भी अधिक समय तक काम नहीं कर पा रहे हैं। व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में कामकाज ठप हो गया है और मोबाइल चार्ज करने तक में दिक्कत आ रही है। वहीं, स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन क्लास और कोचिंग में बाधाएं आ रही हैं।

किसान भी बिजली की कमी के कारण परेशान हैं। वे बताते हैं कि बिजली न मिलने के कारण खेतों की सिंचाई नहीं हो पा रही, जिससे फसलों को नुकसान हो रहा है। इस पर गांव के बुजुर्गों और युवाओं ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है।
इस मुद्दे को लेकर भुड़िया महियाम पंचायत समिति के राहुल कुलकर्णी ने विभाग से जल्द समाधान की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कोई समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी और आमरण अनशन किया जाएगा। इसी तरह, युवा जदयू जिला उपाध्यक्ष पवन कुमार कुशवाहा ने भी बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि 10 मिनट लाइट दी जाती है, लेकिन 2 घंटे काट ली जाती है। इससे आम जनता को भारी परेशानी हो रही है।














