



भागलपुर, अंग प्रदेश: लोक आस्था और धार्मिक परंपराओं का प्रतीक मानी जाने वाली प्रसिद्ध बिहुला विषहरी पूजा का आज विधिवत समापन हुआ। यह पूजा तीन दिनों तक चली और इस दौरान पूरे क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना रहा। सदियों पुरानी इस परंपरा के तहत भक्त बिहुला और विषहरी माता की प्रतिमाओं की स्थापना कर पूजा-अर्चना करते हैं।

पूजा के आयोजन के तहत भागलपुर और आसपास के इलाकों में विभिन्न स्थानों पर भव्य प्रतिमाएं स्थापित की गईं, जहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। पूजा के दौरान धार्मिक गीतों, मंत्रों और विशेष अनुष्ठानों की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो गया। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पूरे अनुष्ठान के दौरान विशेषकर भगत पर माता विषहरी की कृपा बनी रहती है। इस आस्था को लेकर श्रद्धालु भगवान विषहरी के चरणों में श्रद्धा से पैर छूते हैं, जिससे उन्हें जीवन में सुख-समृद्धि और कठिनाइयों से मुक्ति प्राप्त होने का विश्वास होता है।

बिहुला विषहरी पूजा को अंग प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान माना जाता है। यह पर्व आस्था, भक्ति और लोकगीतों के माध्यम से समाज में एकता और परंपराओं को संजोए रखने का संदेश देता है।














