




नवगछिया अनुमंडल में गंगा और कोसी नदी के जलस्तर में पिछले 12 घंटों के दौरान मामूली कमी दर्ज की गई है, लेकिन बाढ़ पीड़ितों की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है।
बीरनगर के बाढ़ पीड़ित डोमी ठाकुर, सुभाष मंडल, बूचो राय सहित अन्य लोगों ने बताया कि लगातार पानी में रहने और आवाजाही करने के कारण उनके पैरों में चर्म रोग हो गया है। वहीं घरों में पानी भरे रहने की वजह से उन्हें सत्तू और चूड़ा खाकर ही समय काटना पड़ रहा है।
बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल कार्यालय, नवगछिया से मिली जानकारी के अनुसार कोसी नदी के जलस्तर में मदरौनी में दो सेंटीमीटर की कमी आई है। इसके बावजूद नदी खतरे के निशान से 29 सेंटीमीटर ऊपर, अर्थात 31.77 मीटर पर बह रही है।

गंगा नदी का जलस्तर इस्माइलपुर-बिंद टोली में एक सेंटीमीटर की कमी के साथ खतरे के निशान से 114 सेंटीमीटर ऊपर, अर्थात 32.74 मीटर पर बह रहा है।
हालांकि जलस्तर में हल्की गिरावट देखी गई है, लेकिन बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की परेशानी अभी भी कम नहीं हुई है। प्रभावित परिवार लगातार सरकारी मदद और राहत सामग्री की उम्मीद लगाए हुए हैं।














