



भागलपुर जिले की सातों विधानसभा सीटों के लिए नामांकन पत्रों की जांच प्रक्रिया मंगलवार को पूरी हो गई। निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, कुल 87 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था, जिनमें से 17 उम्मीदवारों के पर्चे विभिन्न कारणों से रद्द कर दिए गए हैं। अब जिले की सातों सीटों पर कुल 70 उम्मीदवार चुनावी मैदान में रह गए हैं।
नामांकन जांच के दौरान भागलपुर सदर, नाथनगर, सुल्तानगंज, कहलगांव, पीरपैंती, बिहपुर और गोपालपुर विधानसभा सीटों से कई उम्मीदवारों के कागजात अधूरे या त्रुटिपूर्ण पाए जाने के कारण अमान्य घोषित किए गए।
जाने किस विधानसभा से किनके पर्चे रद्द हुए

- भागलपुर विधानसभा: अशोक कुमार सिंह, शिवशंकर शर्मा
- नाथनगर विधानसभा: शारिक अफाक़, नीर कुमारी, संजीव कुमार, दीपा सूर्यवंशी, पिंटू कुमार गुप्ता, राजीव कुमार रंजन
- सुल्तानगंज विधानसभा: श्यामदेव पासवान, पियूष कुमार, संजय कुमार गुप्ता
- कहलगांव विधानसभा: शारदा देवी, शिव कुमार साह, चंद्रशेखर शर्मा
- पीरपैंती विधानसभा: अजय कुमार
- बिहपुर विधानसभा: संतोष कुमार तिवारी, कुंदन कुमार मिश्रा
- गोपालपुर विधानसभा: किसी भी उम्मीदवार का नामांकन रद्द नहीं हुआ।
अब चुनावी मैदान में बचे उम्मीदवारों की सूची
जिले की सातों विधानसभा सीटों से कुल 70 उम्मीदवार अब चुनावी मैदान में रह गए हैं। इनमें प्रमुख दलों के साथ निर्दलीय उम्मीदवार भी शामिल हैं।
भागलपुर विधानसभा से भाजपा के रोहित पांडेय, कांग्रेस के अजीत शर्मा, जन सुराज के अभय कांत झा, बसपा की रेखा दास सहित अन्य प्रत्याशी मैदान में हैं।
पीरपैंती विधानसभा से राजद के राम बिलास पासवान, भाजपा के मुरारी पासवान, जन सुराज के घनश्याम दास और कई निर्दलीय उम्मीदवार हैं।
सुल्तानगंज विधानसभा से कांग्रेस के ललन कुमार, जदयू के ललित नारायण मंडल और राजद के चंदन कुमार सहित अन्य प्रत्याशी चुनावी मुकाबले में हैं।
नाथनगर विधानसभा में राजद, एलजेपी, जन सुराज और बसपा के उम्मीदवारों के बीच त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना जताई जा रही है।

कहलगांव विधानसभा से कांग्रेस के प्रवीण सिंह, राजद के रजनीश भारती और जदयू के शुभानंद मुकेश प्रमुख दावेदार हैं।
बिहपुर विधानसभा में भाजपा, वीआईपी, जन सुराज उम्मीदवारों के बीच मुकाबला दिलचस्प बना हुआ है।
गोपालपुर विधानसभा में जदयू के शैलेश कुमार, वीआईपी के प्रेम सागर यादव और जन सुराज के मानकेश्वर सिंह समेत 11 उम्मीदवार मैदान में हैं।
निर्वाचन कार्यालय ने बताया कि जिन उम्मीदवारों के नामांकन पत्र रद्द किए गए हैं, उनके दस्तावेज अधूरे या औपचारिक खामियों से ग्रसित पाए गए। अब 23 अक्टूबर नाम वापसी की अंतिम तिथि तय की गई है, जिसके बाद प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी की जाएगी।
जिले में 11 नवंबर को दूसरे चरण में मतदान होगा। नामांकन जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सभी प्रमुख दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने अपने चुनाव प्रचार की रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।

















