



भागलपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी अजीत शर्मा ने बिहार की शराबबंदी नीति पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि राज्य में शराबबंदी सिर्फ नाम की रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि हकीकत में बिहार के लगभग हर क्षेत्र में शराब की खुलेआम बिक्री हो रही है, जिससे स्पष्ट होता है कि सरकार की नीति पूरी तरह असफल रही है।

अजीत शर्मा ने कहा कि शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद न तो अपराध दर में कमी आई है और न ही समाज को इसका कोई वास्तविक लाभ मिला है। उन्होंने दावा किया कि इस कानून के कारण राज्य को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है, जबकि झारखंड और हरियाणा जैसे पड़ोसी राज्यों से अवैध रूप से शराब की तस्करी बिहार में जारी है।
उन्होंने आगे कहा कि यदि महागठबंधन की सरकार बनती है, तो बिहार में लागू इस शराबबंदी कानून को समाप्त कर दिया जाएगा, क्योंकि यह कानून जनता के हित में नहीं है और इससे केवल भ्रष्टाचार और अपराध को बढ़ावा मिला है।

















