



भागलपुर । बिहपुर प्रखंड के धर्मपुररत्ती पंचायत के जयरामपुर वार्ड संख्या-09 के निवासी संजय कुमार चौधरी (पिता स्व. मधु चौधरी) के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने भागलपुर डीएम, एडीएम, डीआईजी, नवगछिया एसपी, एसडीओ, एसडीपीओ और बिहपुर सीओ को आवेदन देकर गांव के वर्षों पुराने कुएं को अतिक्रमणमुक्त करने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के दबंगों द्वारा जमीन में दबे इस पारंपरिक कुएं पर अवैध कब्जा कर लिया गया है।

आवेदन में बताया गया है कि धर्मपुररत्ती मौजा, खाता संख्या 1026, खेसरा संख्या 1562, रकबा 1 डिसमिल की सर्वसाधारण खतियानी जमीन पर सैकड़ों वर्ष पुराना कुआं मौजूद था। इस सरकारी कुएं पर गांव के ही भूल चौधरी (पिता स्व. मधु चौधरी) और उनके पुत्रों ने अवैध कब्जा कर लिया है। ग्रामीणों के अनुसार, रात के अंधेरे में कुएं की ढाई फीट ऊंची दीवार को तोड़कर उसे जमीन के भीतर दबा दिया गया और ऊपर से ढलाई कर उसे पूरी तरह ढक दिया गया। इसके बाद बांस-बल्लियों से घेरकर जमीन पर कब्जा कर लिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि यह कुआं उनके पूर्वजों द्वारा बनाया गया था और यह पूरी तरह सरकारी संपत्ति है। आरोप है कि भूल चौधरी के पास इस जमीन या कुएं से संबंधित कोई दस्तावेज या साक्ष्य नहीं है। कई बार शनिवारीय जनता दरबार में सुनवाई होने के बावजूद भूल चौधरी न तो अपना पक्ष रखने पहुंचे और न ही कोई प्रमाण प्रस्तुत किया।

वरीय पदाधिकारियों के निर्देश पर राजस्व कर्मचारी द्वारा जांच कराई गई, जिसमें अवैध कब्जे की पुष्टि हुई। इसके बावजूद एडीजीएम कोर्ट से डिग्री जारी होने के बाद भी कुएं को अतिक्रमणमुक्त नहीं कराया जा सका। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यह कुआं न सिर्फ एक सार्वजनिक संसाधन है, बल्कि उनके पूर्वजों की धरोहर भी है, जिसका संरक्षण जरूरी है। ग्रामीण कुएं को तत्काल अतिक्रमणमुक्त कर उसके जीर्णोद्धार की मांग कर रहे हैं, ताकि उसका अस्तित्व बचा रहे और लोगों को फिर से इसका लाभ मिल सके।
इस संबंध में भागलपुर अपर समाहर्ता शंभु कुमार ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। जांच पूरी होते ही अतिक्रमित सरकारी कुएं को मुक्त कर उसका जीर्णोद्धार कराया जाएगा।
















