


भागलपुर में भू-राजस्व मंत्री के जनसंवाद कार्यक्रम के बाद जिला प्रशासन के साथ-साथ पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। भूमि विवाद से जुड़े मामलों में बढ़ती शिकायतों और संभावित तनाव को देखते हुए पुलिस ने जिले के सभी थानों को सतर्क कर दिया है।
भागलपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हृदयकांत ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले के सभी 51 पुलिस थानों को पहले ही आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अब यह निर्णय लिया गया है कि प्रत्येक सप्ताह शनिवार को अंचल कार्यालयों में आयोजित होने वाली भूमि विवाद समाधान बैठकों के दौरान पुलिस बल की अनिवार्य तैनाती सुनिश्चित की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
एसएसपी हृदयकांत ने कहा कि भूमि विवाद के मामलों में अक्सर पैमाइश को लेकर विवाद, आपसी झगड़े और धमकी जैसी घटनाएं सामने आती हैं। ऐसे मामलों में यदि अंचलाधिकारी की सहमति होती है, तो पुलिस तत्काल हस्तक्षेप करेगी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इससे न केवल विवादों का समय पर समाधान होगा, बल्कि आम लोगों में सुरक्षा की भावना भी मजबूत होगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भू-माफियाओं पर सरकार की विशेष नजर है। जिले में सक्रिय भू-माफियाओं की पहचान कर उनकी जांच और सूचीकरण की प्रक्रिया चल रही है। जिन लोगों पर अवैध जमीन कब्जा, दलाली या धमकी देने के आरोप प्रमाणित होंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस प्रशासन का मानना है कि भूमि विवादों में पुलिस की सक्रिय भूमिका से हिंसक घटनाओं पर अंकुश लगेगा और राजस्व विभाग को भी निष्पक्ष एवं प्रभावी ढंग से कार्य करने में सहयोग मिलेगा। आम जनता से भी अपील की गई है कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून अपने हाथ में न लें, बल्कि संबंधित अंचल कार्यालय या नजदीकी थाना को तुरंत सूचना दें।













