



नवगछिया पुलिस जिला अंतर्गत नवगछिया थाना क्षेत्र स्थित अनुमंडलीय अस्पताल में बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र निर्गत करने के नाम पर अवैध वसूली का मामला सामने आया है। इस संबंध में कुर्सेला निवासी राजेश कुमार ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
इस सम्बंध में कुर्सेला निवासी राजेश कुमार ने बताया कि वर्ष 2023 में उनकी पुत्री का जन्म नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल में हुआ था, लेकिन उस समय किसी कारणवश जन्म प्रमाण पत्र नहीं बन सका। अब जब वह प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अस्पताल पहुंचे, तो उनसे कोर्ट से संबंधित शपथ-पत्र (एफिडेविट) सहित आवश्यक दस्तावेज तैयार कराने को कहा गया। सभी कागजात पूरे करने के बाद भी जन्म प्रमाण पत्र जारी करने के एवज में अस्पताल कर्मी द्वारा उनसे 200 रुपये की मांग की गई।

पीड़ित के अनुसार, पैसे देने के बाद उन्होंने इसका विरोध किया और तत्काल अस्पताल के प्रबंधक जितेंद्र कुमार से शिकायत की। प्रबंधक ने संबंधित कर्मी से फोन पर बातचीत की, जिसके बाद उसे वापस बुलाकर 100 रुपये लौटा दिए गए और 100 रुपये अपने पास रख लिए गए।

राजेश कुमार ने बताया कि जब वह अपनी बात मीडिया के समक्ष रख रहे थे, उसी समय अस्पताल क्षेत्र में कार्यरत एक आशा कार्यकर्ता वहां से गुजर रही थीं। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि “बिना पैसा लिए यहां कागज को कोई नहीं छूता।”

पीड़ित का आरोप है कि संबंधित बाबू द्वारा स्पष्ट रूप से कहा गया कि जब तक 200 रुपये हाथ में नहीं होंगे, तब तक कागजात जमा नहीं किए जाएंगे।

इस मामले में जब अस्पताल के डीएस प्रभारी से बातचीत की गई तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए 200 रुपये लेने का कोई नियम नहीं है। उन्होंने बताया कि निर्धारित समय सीमा के बाद आवेदन करने पर केवल 100 रुपये का सरकारी शुल्क लिया जाता है।

डीएस प्रभारी ने यह भी कहा कि यदि किसी कर्मी द्वारा 200 रुपये की मांग किए जाने का ठोस प्रमाण सामने आता है, तो मामले की जांच कर संबंधित कर्मी के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं और आम लोगों में रोष व्याप्त है। पीड़ित ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।














