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भागलपुर। प्रमंडलीय आयुक्त की अध्यक्षता में बुधवार को आंतरिक राजस्व की प्रमंडल स्तरीय समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में भागलपुर और बाँका जिले के सभी नगर परिषद, नगर पंचायत, कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता, नगर आयुक्त, अपर समाहर्त्ता, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, खनिज विकास पदाधिकारी, जिला अवर निबंधक, अवर निबंधक एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में खनिज विकास और अवैध खनन पर विशेष चर्चा की गई। खनिज विकास पदाधिकारी, भागलपुर और बाँका को निर्देश दिया गया कि वे टीम बनाकर अवैध खनन की सघन जांच करें। अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के स्तर से भी इस संबंध में जांच सुनिश्चित की जाएगी। अवैध खनन में वसूली न होने की स्थिति में नीलामी सहित अग्रेतर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा, अधिष्ठापित धर्मकांटा की भी पूरी जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि खनिज विकास पदाधिकारी संबंधित ट्रक और ट्रैक्टर मालिकों से नियमानुसार शुल्क वसूल कराएंगे। यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर शुल्क जमा नहीं होता है तो समाहर्त्ता के न्यायालय से वाहनों की नीलामी कराई जाएगी। साथ ही, चालान की जाँच-पड़ताल कर अवैध पाए जाने या चालान न मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।

राज्य-कर अपर आयुक्त, भागलपुर प्रमंडल को चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक निर्धारित राजस्व लक्ष्य का शत-प्रतिशत वसूली करने का निर्देश दिया गया। उप कृषि निदेशक-सह-संयुक्त नियंत्रक, माप एवं तौल को भी वार्षिक राजस्व लक्ष्य का पूर्ण संग्रहण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि सभी नगर पंचायत और नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अभियान चलाकर होल्डिंग टैक्स की वसूली सुनिश्चित करें। छुटे हुए होल्डिंग की पहचान कर नोटिस जारी किया जाए और व्यवसायिक/आवासीय टैक्स की सही वसूली हो, यह सुनिश्चित किया जाए। जिन कार्यालय भवनों का निर्माण नहीं हुआ है, उनके लिए संबंधित अंचल अधिकारी/अपर समाहर्ता से समन्वय कर सतत् लीज नीति और सरकारी भूमि के तहत अग्रेतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

अवर निबंधक, कहलगाँव को निर्देश दिया गया कि कार्यालय भवन हेतु समन्वय स्थापित किया जाए। अपर समाहर्त्ता, भागलपुर/बाँका को रॉयल्टी वसूली के लिए साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया गया। खनिज विकास पदाधिकारी को सप्ताह में दो दिन सभी कार्य विभागों के अकाउंटेंट से समन्वय स्थापित कर माइनिंग रॉयल्टी और सेइग्निवरागर की शुद्धता की जांच सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया।

बैठक में स्पष्ट किया गया कि किसी भी विभाग या कार्य विभाग का आबंटन बिना वैध कारण के लापरवाही का शिकार नहीं होना चाहिए। बैठक में उठाए गए सभी निर्देशों का उद्देश्य राजस्व वसूली, अवैध खनन पर नियंत्रण और प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

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