


भागलपुर। समीक्षा भवन में मंगलवार को उच्च जातियों के विकास के लिए राज्य आयोग, पटना की ओर से प्रमंडल स्तरीय समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता बिहार सरकार के उच्च जातियों के विकास के लिए राज्य आयोग के सदस्य राजकुमार सिंह कर रहे थे। बैठक में भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी, उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह सहित कई वरीय प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। इसके साथ ही विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े सवर्ण समाज के लोग भी बैठक में शामिल हुए।
बैठक उस समय विवादों में घिर गई जब राजनीतिक दलों से आए कुछ प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि उन्हें यूजीसी कानून पर चर्चा के लिए बुलाया गया था, लेकिन बैठक के एजेंडे में इस विषय पर कोई चर्चा नहीं की गई। इस बात से नाराज होकर लोगों ने बैठक के दौरान ही विरोध शुरू कर दिया और नारेबाजी करते हुए बीच बैठक से बाहर निकल गए।
बैठक से बाहर निकलने के बाद प्रदर्शन कर रहे लोगों ने यूजीसी कानून को काला कानून बताते हुए इसका खुलकर विरोध किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह कानून समाज और शिक्षा व्यवस्था के हित में नहीं है, इसलिए इस पर गंभीर और खुली चर्चा होनी चाहिए थी।
वहीं, पूरे मामले पर आयोग के सदस्य राजकुमार सिंह ने कहा कि राज्यभर में इस प्रकार की समीक्षात्मक बैठकें आयोजित की जा रही हैं और भागलपुर में यह आठवीं बैठक थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैठक में प्राप्त सुझावों और विचारों को संकलित कर राज्य सरकार तक भेजा जाएगा।
बैठक के दौरान हुए विरोध और हंगामे के बाद कुछ समय के लिए समीक्षा भवन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिससे प्रशासनिक महकमे में भी हलचल देखी गई। हालांकि बाद में स्थिति को संभाल लिया गया।












