


कानून और दुष्परिणामों की दी जा रही जानकारी
भागलपुर। बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा को रोकने और आमजन को इसके प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जागरूकता रथ निकाला गया। इस जागरूकता रथ को चाइल्ड हेल्पलाइन कार्यालय परिसर से जिला बाल संरक्षण इकाई की सहायक निदेशक बेबी रानी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
जागरूकता रथ के माध्यम से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बाल विवाह से जुड़े कानूनों, इसके सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों तथा इससे संबंधित कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। रथ पर लगाए गए बैनर, पोस्टर और लाउडस्पीकर के जरिए यह संदेश दिया जा रहा है कि बाल विवाह न केवल अपराध है, बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है।
अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग को बाल विवाह के खिलाफ जागरूक करना और इसे रोकने के लिए लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में जागरूकता कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह के विरोध में हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग आगे बढ़कर अपनी सहमति और समर्थन दर्ज करा रहे हैं।
इस अवसर पर जिला बाल संरक्षण इकाई की सहायक निदेशक बेबी रानी ने कहा कि बाल विवाह रोकने के लिए समाज की भूमिका बेहद अहम है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिले तो तुरंत संबंधित विभाग, जिला प्रशासन या चाइल्ड हेल्पलाइन को इसकी जानकारी दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
जिला प्रशासन की ओर से भी लोगों से सहयोग की अपील की गई है, ताकि सामूहिक प्रयासों से जिले को बाल विवाह मुक्त बनाया जा सके।












