



भागलपुर के रेशम भवन के प्रांगण में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के अंतर्गत वृहद ऋण स्वीकृति-सह-वितरण शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने की।

शिविर में उप विकास आयुक्त (DDC), जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक (GM DIC), एनईपी निदेशक, अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM), सहायक उद्योग निदेशक (ADI) अंबरीश आनंद, विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में उद्यमी उपस्थित थे।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने अपने हाथों से चयनित उद्यमियों को ऋण राशि के चेक प्रदान किए। उन्होंने उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें ‘रोजगार प्रदाता’ बनाना है। उन्होंने उद्यमियों के उत्साह की सराहना की और उन्हें अपने स्टार्टअप को पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

उप विकास आयुक्त ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जिले में औद्योगिक वातावरण को बढ़ावा देने में बैंकों की भूमिका अहम है। उन्होंने समय पर ऋण स्वीकृति देने के लिए बैंक अधिकारियों की प्रशंसा की और बताया कि प्रशासन और बैंकों के समन्वय से ही सूक्ष्म उद्योगों का विस्तार संभव है।
कार्यक्रम के समापन पर प्रोजेक्ट मैनेजर राकेश कुमार ने सभी अतिथियों, बैंक अधिकारियों और उद्यमियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग उद्यमियों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
















