


भागलपुर में रमजान के पवित्र महीने के अवसर पर पूर्व विधायक अजीत शर्मा द्वारा दावत-ए-इफ्तार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शहर के कई गणमान्य लोग, सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी तथा विभिन्न समुदायों के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का माहौल आपसी भाईचारे, सौहार्द और एकता का संदेश देता नजर आया।
दावत-ए-इफ्तार के दौरान पूर्व विधायक अजीत शर्मा ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि भागलपुर की पहचान हमेशा से गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे के लिए रही है। उन्होंने कहा कि वे हमेशा सभी धर्मों और समुदायों के लोगों के साथ खड़े रहे हैं और आगे भी इसी तरह सभी के सुख-दुख में शामिल होते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि चाहे हिंदू, मुस्लिम, सिख या ईसाई—सभी धर्मों के पर्व-त्योहार समाज को जोड़ने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि वे सभी धर्मों और समुदायों के त्योहारों में शामिल होकर लोगों को शुभकामनाएं देते हैं। समाज में भाईचारा और आपसी मेल-मिलाप बना रहना बहुत जरूरी है, तभी भागलपुर विकास की राह पर आगे बढ़ सकता है।
अजीत शर्मा ने कहा कि राजनीति से ऊपर उठकर समाज की सेवा करना उनकी प्राथमिकता रही है। उन्होंने कहा कि वे सत्ता में रहें या न रहें, लेकिन भागलपुर के लोगों के साथ हमेशा खड़े रहेंगे। होली मिलन समारोह, इफ्तार या अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में वे हमेशा लोगों के बीच रहकर समाज को जोड़ने का प्रयास करते रहेंगे।
कार्यक्रम के अंत में सभी लोगों ने मिलकर रोजा खोला और इफ्तार किया। इस दौरान लोगों ने आपसी भाईचारे और सौहार्द को मजबूत बनाए रखने का संकल्प लिया। यह आयोजन शहर में सामाजिक एकता और सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक बनकर सामने आया।















