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नवगछिया के
इस्माइलपुर के कमलाकुंड गांव में श्री शिव शक्ति योग पीठ के तत्वावधान में आयोजित भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ के छठे दिन भगवान श्रीकृष्ण के विवाह प्रसंग पर विशेष एवं विस्तारपूर्वक प्रवचन किया गया। कार्यक्रम पीठाधीश्वर स्वामी आगमानंद महाराज के निर्देशन में संपन्न हो रहा है, जिसमें क्षेत्र के बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन उपस्थित होकर कथा का श्रवण कर रहे हैं।

कथावाचक मानस मर्मज्ञ प्रेम शंकर भारती ने अपने प्रवचन में भगवान श्रीकृष्ण के विवाह प्रसंग को विस्तार से प्रस्तुत करते हुए कहा कि भगवान के विवाह केवल व्यक्तिगत घटनाएं नहीं थीं, बल्कि उनमें धर्म की स्थापना, समाज की रक्षा और नारी सम्मान का गहरा संदेश निहित है। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने जिन स्त्रियों से विवाह किया, उनके पीछे समाज में उन्हें सम्मान और संरक्षण प्रदान करने का उद्देश्य था।

उन्होंने कहा कि भगवान की प्रत्येक लीला मानव जीवन के लिए प्रेरणादायक है। इस प्रसंग के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, कर्तव्य, करुणा और सामाजिक जिम्मेदारियों का बोध होता है। कथा के दौरान उन्होंने दियारा क्षेत्र की महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भूमि अत्यंत पावन है, जहां मां गंगा के तट पर भागवत कथा का आयोजन हो रहा है।

कथावाचक ने आगे कहा कि भागवत कथा का श्रवण करने से मनुष्य को भक्ति, सत्कर्म और आत्मिक शांति की प्राप्ति होती है। भगवान अपने भक्तों का सदैव कल्याण करते हैं। उन्होंने मानव जीवन को दुर्लभ बताते हुए कहा कि इसे प्रभु भक्ति और सद्कर्मों में लगाना ही जीवन की सार्थकता है। भगवान के नाम का स्मरण और उनकी शरण ग्रहण करना ही जीवन को सफल बनाता है।

कथा के दौरान भजन-कीर्तन का भी आयोजन किया गया, जिसमें कलाकारों ने विवाह गीतों सहित विभिन्न भक्ति गीतों की प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु भजनों पर झूमते नजर आए और पूरा परिसर भक्तिरस में सराबोर हो गया।

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