


पूर्णिया। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर किडज़ी जॉनी किड्स एवं माउंट लिटरा ज़ी स्कूल (एमएलज़ेडएस) परिसर में गुरुवार को पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं समाज के बीच पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देना था। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रकार के पौधे लगाए गए तथा सभी उपस्थित लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम की अगुवाई विद्यालय की प्रधानाचार्या अम्बरीन खान ने की। उन्होंने शिक्षिकाओं एवं विद्यालय परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर पौधारोपण किया और पर्यावरण को बचाने की शपथ दिलाई। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय चुनौतियों के दौर में वृक्षारोपण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गई है। पेड़-पौधे न केवल हमें ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि पृथ्वी के पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण देना है तो आज से ही पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करना होगा।
विद्यालय के निदेशक त्रिदीप कुमार दास ने अपने संदेश में कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारियों को समझने और निभाने का अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करने का संकल्प ले, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव संभव है। उन्होंने सभी लोगों से वृक्षारोपण को जनआंदोलन का रूप देने की अपील की।
विद्यालय की प्रधानाचार्या अम्बरीन खान ने कहा कि बच्चों को बचपन से ही पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाना आवश्यक है। विद्यालय शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक और पर्यावरणीय मूल्यों के विकास का भी केंद्र होता है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को प्रकृति के करीब लाने और उनमें जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने बच्चों और अभिभावकों को अधिक से अधिक पौधे लगाने, जल संरक्षण करने, प्लास्टिक के उपयोग को कम करने तथा पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने पर्यावरण संरक्षण की सामूहिक शपथ ली और भविष्य में भी ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन करते रहने का संकल्प व्यक्त किया। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और हरित वातावरण मिल सके।















