


नवगछिया। बाल भारती विद्यालय में आयोजित मंजूषा समर कैंप के चौथे दिन सोमवार को बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। बिहुला विषहरी पूजा समिति, नवगछिया विकास समिति एवं मंजूषा कला प्रशिक्षण केंद्र, भागलपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कैंप में बच्चे मंजूषा पेंटिंग के साथ-साथ योग, ताइक्वांडो और स्वर साधना का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
कैंप में कुल 72 छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं, जिनमें 42 बच्चे मंजूषा पेंटिंग का प्रशिक्षण ले रहे हैं। राष्ट्रपति सम्मानित मंजूषा गुरु मनोज पंडित, स्मृति कुमारी और राजीव कुमार बच्चों को मंजूषा कला की बारीकियां सिखा रहे हैं। वहीं 30 बच्चे प्रशिक्षक घनश्याम प्रसाद, धर्मचंद्र भगत, विशाल कुमार और संजीत विश्वकर्मा से योग, ताइक्वांडो एवं संगीत का प्रशिक्षण ले रहे हैं।

मंजूषा गुरु मनोज पंडित ने बच्चों को बताया कि मंजूषा पेंटिंग देश की उन विशिष्ट लोककलाओं में शामिल है, जिसमें केवल तीन रंगों का प्रयोग किया जाता है और प्रत्येक रंग का अपना विशेष महत्व होता है।
कार्यक्रम के संयोजक मुकेश राणा ने कहा कि मंजूषा कला की मूल नायिका बिहुला की जन्मभूमि नवगछिया होने के कारण यह क्षेत्र सांस्कृतिक रूप से समृद्ध है। उन्होंने कहा कि समर कैंप का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना और उनमें अपनी मातृभूमि के प्रति गौरव की भावना विकसित करना है।

कैंप का समापन मंगलवार को होगा, जिसमें प्रतिभागी बच्चों द्वारा सीखी गई कलाओं का प्रदर्शन भी किया जाएगा।
















