5
(2)

नवगछिया पुलिस की बड़ी कार्रवाई, एक महिला समेत पांच आरोपी गिरफ्तार

12 घंटे में दो लाख रुपये ऋण देने का झांसा देकर सैकड़ों महिलाओं को बनाया शिकार

नवगछिया पुलिस ने फर्जी फाइनेंस कंपनी के नाम पर महिलाओं से लाखों रुपये की ठगी करने वाले अंतरजिला गिरोह का सफल उद्भेदन कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने सहरसा और मधेपुरा जिले में छापेमारी कर एक महिला सहित पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरोह के सदस्य महिलाओं को मात्र 10 हजार रुपये जमा करने पर 12 घंटे के भीतर दो लाख रुपये का व्यवसायिक ऋण उपलब्ध कराने का झांसा देकर ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे थे।

 

पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा ने सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि 7 जून को सोनी देवी ने साइबर थाना नवगछिया में आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि नवगछिया थाना क्षेत्र के एनएच-31 स्थित संतोष धर्मकांटा के समीप एक अर्धनिर्मित भवन में संचालित आईबीएल फाइनेंस लिमिटेड नामक कंपनी द्वारा महिलाओं को आसान ऋण उपलब्ध कराने का प्रलोभन दिया जा रहा था। कंपनी के कर्मी 10 हजार रुपये जमा करने पर 12 घंटे के भीतर दो लाख रुपये का व्यवसायिक ऋण देने का दावा कर रहे थे।

झांसे में आकर 22 से अधिक महिलाओं ने कंपनी में राशि जमा कर दी। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इसी प्रकार 100 से अधिक महिलाओं को ठगी का शिकार बनाया गया है और लाखों रुपये की अवैध वसूली की गई है।

 

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच टीम का गठन किया गया। तकनीकी एवं मानवीय अनुसंधान के आधार पर टीम ने गिरोह के सदस्यों की पहचान कर सहरसा एवं मधेपुरा जिले के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की।

कार्रवाई के दौरान कटिहार जिले के फलका थाना क्षेत्र के चांदपुरा दियारा निवासी संतोष कुमार, मधेपुरा जिले के मुरलीगंज थाना क्षेत्र के रामपुर निवासी रतन कुमार, पूर्णिया के भट्ठा बाजार निवासी सुशांत कुमार, मधेपुरा जिले के भराही थाना क्षेत्र के पररिया निवासी लक्की कुमार तथा उषा देवी को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने आरोपितों के पास से घटना में प्रयुक्त आठ मोबाइल फोन, 12 सिम कार्ड, एक स्कैनर, 10 हजार रुपये नकद, एक मोटरसाइकिल तथा कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं।

पूछताछ में गिरफ्तार आरोपितों ने स्वीकार किया कि वे पिछले आठ-नौ दिनों से नवगछिया क्षेत्र में सक्रिय थे और महिलाओं को व्यवसायिक ऋण दिलाने का झांसा देकर उनसे पैसे वसूल रहे थे। गिरोह सुनियोजित तरीके से ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को निशाना बनाता था।

 

इस मामले में साइबर थाना नवगछिया में कांड संख्या 27/26 दर्ज कर लिया गया है। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य फरार सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर ठगी के नेटवर्क और पीड़ितों की संख्या में और बढ़ोतरी हो सकती है।

एसपी वैभव शर्मा ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वित्तीय संस्था या ऋण योजना में पैसा निवेश करने से पहले उसकी वैधता और पंजीकरण की पूरी जांच कर लें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

Aapko Yah News Kaise Laga.

Click on a star to rate it!

Average rating 5 / 5. Vote count: 2

No votes so far! Be the first to rate this post.

Share: