


भागलपुर। विश्व संगीत दिवस के अवसर पर भागलपुर कथक केंद्र एवं आरती फॉर्म डांस स्टूडियो के संयुक्त तत्वावधान में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसिद्ध कथक गुरु निभाष मोदी ने की। इस अवसर पर संगीत, नृत्य और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को समर्पित विविध प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम में भागलपुर कथक केंद्र एवं आरती फॉर्म डांस स्टूडियो के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने कथक नृत्य, शास्त्रीय संगीत एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया तथा पूरे वातावरण को संगीत और कला की ऊर्जा से सराबोर कर दिया।
अपने संबोधन में कथक गुरु निभाष मोदी ने कहा कि संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाली एक साधना है। संगीत मनुष्य को आत्मिक शांति प्रदान करता है और उसे अपनी अंतरात्मा से जोड़ने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि संगीत और योग दोनों ही व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने युवाओं से संगीत, कला और योग के प्रति जागरूक होने तथा भारतीय सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब युवा पीढ़ी अपनी संस्कृति, संगीत और कला से जुड़ेगी, तभी समाज और राष्ट्र सांस्कृतिक रूप से अधिक समृद्ध एवं सशक्त बन सकेगा।
कार्यक्रम के दौरान अंजलि, अमन, माधवी, अन्नपूर्णा, जीविका, निलेश सहित दर्जनों छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रस्तुति दी। सभी प्रतिभागियों ने अपनी कला और प्रतिभा के माध्यम से संगीत एवं संस्कृति के प्रति अपनी निष्ठा और समर्पण का परिचय दिया।
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों एवं प्रशिक्षकों को सम्मानित किया गया। साथ ही संगीत और भारतीय संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाने का सामूहिक संकल्प लिया गया। विश्व संगीत दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम कला प्रेमियों और संगीत साधकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। उपस्थित लोगों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए ऐसे आयोजनों को निरंतर आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
















