


नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल में इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक की सूझबूझ और तत्परता से एक गंभीर रूप से बीमार युवती की जान बच गई। समय पर मिले उपचार के कारण युवती को नई जिंदगी मिली, जिसके बाद परिजनों ने चिकित्सक और अस्पताल कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
जानकारी के अनुसार, खरीक थाना क्षेत्र के लोकमानपुर गांव निवासी राजेश मंडल की पुत्री प्रियंका कुमारी को अचानक सांस लेने में गंभीर तकलीफ और सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। हालत लगातार बिगड़ने पर परिजन तत्काल उसे नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल लेकर पहुंचे।
अस्पताल पहुंचने के समय युवती की स्थिति बेहद नाजुक थी। इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक डॉ. मनीष ने बिना समय गंवाए उसका उपचार शुरू किया। लगभग एक घंटे तक लगातार चिकित्सकीय प्रयास और आवश्यक इलाज के बाद युवती की हालत में सुधार आया और उसकी जान बचाई जा सकी।
परिजनों ने बताया कि यदि समय पर उपचार नहीं मिलता तो कोई भी अनहोनी हो सकती थी। उन्होंने डॉ. मनीष की तत्परता, समर्पण और सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि चिकित्सक के प्रयासों से उनकी बेटी को नया जीवन मिला है।
डॉ. मनीष ने बताया कि मरीज को गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया था। तत्काल आवश्यक चिकित्सकीय उपचार और निगरानी के बाद उसकी स्थिति में सुधार हुआ। उन्होंने लोगों से अपील की कि सांस लेने में तकलीफ, सीने में तेज दर्द या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी किए तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचें, ताकि समय रहते उपचार देकर मरीज की जान बचाई जा सके।
















