


भागलपुर में रविवार को दानवीर भामाशाह की जयंती श्रद्धा, सम्मान और उत्साह के साथ मनाई गई। शहर के भामाशाह चौक पर आयोजित समारोह में बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन के पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों ने भामाशाह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का आयोजन बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष अनिल खेतान के नेतृत्व में किया गया। समारोह में उपस्थित वक्ताओं ने दानवीर भामाशाह के जीवन, त्याग, राष्ट्रभक्ति और समाज सेवा से जुड़े प्रेरणादायक प्रसंगों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपना सर्वस्व राष्ट्रहित और समाज के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया था। उनका जीवन आज भी सेवा, त्याग और समर्पण की मिसाल है।

वक्ताओं ने कहा कि महाराणा प्रताप के संघर्षपूर्ण समय में भामाशाह ने अपना समस्त धन राष्ट्र रक्षा के लिए समर्पित कर इतिहास में अमिट पहचान बनाई। उनके योगदान ने यह सिद्ध कर दिया कि राष्ट्र निर्माण में केवल शस्त्र ही नहीं, बल्कि त्याग, सहयोग और सेवा की भावना भी समान रूप से महत्वपूर्ण होती है।
समारोह में समाज के युवाओं से भामाशाह के आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में समाज को ऐसे व्यक्तित्वों से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है, जो निस्वार्थ भाव से समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित रहे। उन्होंने शिक्षा, सामाजिक सहयोग और जनसेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने का भी आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन के संरक्षक रामगोपाल पोद्दार, निगम पार्षद अश्वनी जोशी ‘मोंटी’, सम्मेलन के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में दानवीर भामाशाह के विचारों और आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने तथा समाज सेवा के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
















