


पूर्णिया। जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित प्रज्ञान सभागार में जिलास्तरीय गजेटियर प्रारूप प्रकाशन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के वरीय अधिकारियों एवं संबंधित पदाधिकारियों ने भाग लिया तथा इंस्टीट्यूट फॉर ह्यूमन डेवलपमेंट (आईएचडी), नई दिल्ली द्वारा तैयार जिला गजेटियर की प्रारंभिक पांडुलिपि की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक के दौरान पांडुलिपि में शामिल प्रशासनिक, सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक एवं विकासात्मक तथ्यों के साथ विभागवार आंकड़ों का गहन परीक्षण किया गया। समीक्षा के उपरांत सभी विभागों के अधिकारियों ने सर्वसम्मति से प्रारंभिक पांडुलिपि का अनुमोदन किया।

जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि यदि किसी विभाग को तथ्यों या आंकड़ों में संशोधन अथवा अद्यतन की आवश्यकता महसूस होती है तो निर्धारित समय-सीमा के भीतर संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि अंतिम प्रकाशन पूरी तरह तथ्यपरक एवं त्रुटिरहित हो सके।
उन्होंने बताया कि बिहार सरकार द्वारा लंबे अंतराल के बाद जिला गजेटियर का प्रकाशन कराया जा रहा है। यह दस्तावेज जिले के ऐतिहासिक, भौगोलिक, सामाजिक, आर्थिक एवं प्रशासनिक स्वरूप का महत्वपूर्ण अभिलेख होगा।
जिला पदाधिकारी ने बताया कि प्राप्त सुझावों एवं आवश्यक संशोधनों पर अंतिम विचार-विमर्श के लिए 7 जुलाई 2026 को इंस्टीट्यूट फॉर ह्यूमन डेवलपमेंट (आईएचडी), नई दिल्ली के प्रतिनिधियों के साथ संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी।
बैठक में अपर समाहर्ता-सह-जिला आपूर्ति पदाधिकारी रविशंकर उरांव, वरीय उप समाहर्ता शिलिमा कुमारी, निदेशक डीआरडीए, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता (विद्युत) सहित विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
















