


भागलपुर। जीवन जागृति सोसाइटी ने समाज में आर्थिक रूप से कमजोर एवं असहाय महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में नई पहल करते हुए अंगारी गांव में विधवा, परित्यक्ता एवं दिव्यांग महिलाओं के लिए रोजगार सृजन कार्यक्रम की शुरुआत की है। इसके तहत महिलाओं का एक क्लस्टर बनाकर उन्हें सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

संस्था ने प्रारंभिक चरण में आठ विधवा महिलाओं का समूह तैयार किया है। महिलाओं को सहज माहौल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चार विवाहित महिलाओं को भी समूह में शामिल किया गया है। बलुआचक में 21 दिवसीय सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, जिसमें महिलाओं को विभिन्न प्रकार के परिधानों की सिलाई का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस अवसर पर संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि समाज में अनेक ऐसी विधवा, परित्यक्ता एवं दिव्यांग महिलाएं हैं, जो पारिवारिक और आर्थिक कठिनाइयों के कारण सम्मानजनक जीवन नहीं जी पा रही हैं। प्रशिक्षण के बाद अंगारी में एक सिलाई उत्पादन केंद्र स्थापित किया जाएगा, जहां टी-शर्ट, ट्राउजर, पेटीकोट, ब्लाउज, नाइटी, स्कूल ड्रेस सहित अन्य परिधान तैयार किए जाएंगे। तैयार उत्पादों की बिक्री से होने वाले लाभ का वितरण समूह की महिलाओं के बीच किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस केंद्र में कार्य करने वाली महिलाएं मजदूर नहीं, बल्कि स्वयं इस इकाई की भागीदार और मालिक होंगी। एक केंद्र के सफल संचालन के बाद प्रत्येक प्रखंड में प्रारंभिक चरण में चार केंद्र स्थापित करने तथा आगे चलकर पूरे जिले और राज्य में इस मॉडल का विस्तार करने की योजना है।
डॉ. सिंह ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना, उनके खोए हुए आत्मविश्वास को लौटाना तथा उनके बच्चों को बेहतर शिक्षा और भविष्य उपलब्ध कराना है, ताकि वे मजबूरी में मजदूरी करने के बजाय पढ़-लिखकर समाज में अपनी पहचान बना सकें।
प्रशिक्षण के प्रथम दिन नीलम देवी, गुड़िया देवी, सजनी देवी, हीना कुमारी एवं अन्य महिलाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त करना शुरू किया। प्रशिक्षण को लेकर महिलाओं में उत्साह और आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। संस्था ने बताया कि आने वाले दिनों में अन्य चिन्हित महिलाओं को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा।
















