5
(2)

पूर्णिया के सांसद ने मंगलवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री से मुलाकात कर कोसी-सीमांचल एवं अंग क्षेत्र की लंबित सड़क परियोजनाओं, राष्ट्रीय राजमार्गों की स्थिति तथा नई संपर्क योजनाओं को लेकर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। उन्होंने लंबित परियोजनाओं को शीघ्र शुरू कराने एवं अधूरे कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा कराने की मांग की।

सांसद ने परसमा (सुपौल) से तरावे चौक, सिंहेश्वर, केवटगामा चौक, खुर्दा एवं चकमका (मधेपुरा) होते हुए बनमनखी तक राष्ट्रीय राजमार्ग-107 से जोड़ने की पूर्व स्वीकृत परियोजना का निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि स्वीकृति मिलने के बावजूद यह योजना वर्षों से लंबित है, जिससे क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

CREATOR: gd-jpeg v1.0 (using IJG JPEG v62), default quality?

उन्होंने कहा कि इस सड़क के निर्माण से पूर्णिया, सुपौल, मधेपुरा और बनमनखी सहित पूरे कोसी-सीमांचल क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, व्यापार और प्रशासनिक गतिविधियों को गति मिलेगी।

मुलाकात के बाद सांसद ने बताया कि राजमहल (झारखंड) से गंगा नदी पार कर कटिहार, प्राणपुर, डगरुआ और बायसी होते हुए बहादुरगंज तक प्रस्तावित छह लेन एक्सप्रेस-वे को स्वीकृति मिल गई है। उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेस-वे आगे गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा, जिससे बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों के बीच संपर्क एवं व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।

सांसद ने राष्ट्रीय राजमार्ग-107 (वर्तमान एनएच-231) की अधूरी परियोजना का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि लगभग 177 किलोमीटर लंबी इस परियोजना का शिलान्यास वर्ष 2001 में हुआ था तथा 2018 में निर्माण कार्य शुरू होने के बावजूद कई पुल, रेलवे ओवरब्रिज और सड़क निर्माण कार्य अब तक अधूरे हैं। उन्होंने परियोजना में कथित अनियमितताओं एवं निर्माण कार्य में देरी की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।

उन्होंने पूर्णिया लोकसभा क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण का मुद्दा भी केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखा। सांसद के अनुसार इन आरओबी के टेंडर को स्वीकृति मिल चुकी है, जिससे लंबे समय से रेल फाटकों पर लगने वाले जाम और दुर्घटनाओं की समस्या के समाधान की दिशा में प्रगति होगी।

मुलाकात के बाद सांसद पप्पू यादव ने कहा कि कोसी-सीमांचल लंबे समय से आधारभूत संरचना के क्षेत्र में उपेक्षा का शिकार रहा है। उनकी प्राथमिकता क्षेत्र को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराना है, ताकि उद्योग, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसर विकसित हो सकें। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्रीय मंत्री के सकारात्मक सहयोग से इन परियोजनाओं पर शीघ्र कार्य शुरू होगा।

Aapko Yah News Kaise Laga.

Click on a star to rate it!

Average rating 5 / 5. Vote count: 2

No votes so far! Be the first to rate this post.

Share: