


पूर्णिया। बिहार सरकार के निर्देशानुसार मंगलवार को जवाहरलाल नेहरू स्मारक +2 स्तरीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, गुलाबबाग परिसर में नगर निगम की ओर से तृतीय सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्घाटन महापौर विभा कुमारी, उपमहापौर पल्लवी गुप्ता, उप नगर आयुक्त विजय प्रताप सिंह, वार्ड पार्षद कमली देवी एवं राकेश राय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
शिविर में वार्ड संख्या 37, 38, 39 एवं 40 के नागरिकों की सुविधा के लिए नगर निगम से संबंधित विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं के कुल 18 स्टॉल लगाए गए। इनमें वृद्धावस्था पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम स्वनिधि एवं मुद्रा ऋण, वेंडिंग जोन, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र, होल्डिंग टैक्स, ट्रेड लाइसेंस, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, सड़क, नाला निर्माण, साफ-सफाई, भवन नक्शा स्वीकृति, अतिक्रमण, मापी, सैरात सहित अन्य सेवाओं से जुड़े आवेदन प्राप्त किए गए। संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मियों ने लोगों की समस्याएं सुनकर आवश्यक कार्रवाई की।
नगर निगम की ओर से बताया गया कि पूर्व में आयोजित दो सहयोग शिविरों में कुल 269 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 234 आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है। शेष आवेदन प्रक्रियाधीन हैं, जबकि अन्य विभागों से संबंधित मामलों को संबंधित विभागों को भेज दिया गया है।

महापौर विभा कुमारी ने कहा कि सहयोग शिविर जनसमस्याओं के त्वरित एवं पारदर्शी समाधान की दिशा में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य नागरिकों को सरकारी सेवाएं सरल, सुलभ एवं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराना है। उन्होंने नगर निगम की ओर से प्रत्येक आवेदन पर नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए कहा कि आवेदकों को उनके आवेदन की प्रगति की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।
महापौर ने नगरवासियों से सहयोग शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाने तथा नगर निगम के विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक को यदि कोई समस्या हो तो वह सीधे नगर निगम कार्यालय अथवा उनके आवास पर पहुंचकर अपनी बात रख सकता है।
नगर निगम प्रशासन ने बताया कि पूरे निगम क्षेत्र में प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को अलग-अलग वार्डों के लिए सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे।
इस अवसर पर सिटी मैनेजर पवन कुमार पवन, प्रधान सहायक उमेश यादव, वार्ड पार्षद प्रतिनिधि बहादुर यादव सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।
















