


इमरान प्रतापगढ़ी ने शिक्षा, पेपर लीक और रोजगार के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा
पूर्णिया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के देशव्यापी अभियान के तहत शनिवार को पूर्णिया के ऑडिटोरियम में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के पूर्णिया जिला अध्यक्ष मोहम्मद अली अहमद खान के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद एवं कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में सीमांचल के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता तथा कांग्रेस के पदाधिकारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत छात्र-छात्राओं के साथ संवाद से हुई। इमरान प्रतापगढ़ी ने मंच से कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ किसी राजनीतिक सभा का नहीं, बल्कि छात्रों की समस्याओं को सीधे सुनने और उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का अभियान है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के निर्देश पर देश के विभिन्न शहरों में आयोजित किया जा रहा है, ताकि युवाओं के सामने मौजूद चुनौतियों को समझा जा सके।
अपने संबोधन में इमरान प्रतापगढ़ी ने शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, बढ़ती बेरोजगारी और महंगी शिक्षा जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक की घटनाओं से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) सहित विभिन्न परीक्षाओं में सामने आए कथित अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग की।
उन्होंने अपने संबोधन के दौरान कविता की पंक्तियों के माध्यम से किसानों, युवाओं और आम लोगों की समस्याओं को भी उठाया। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, रोजगार और अपने अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर सजग रहने की अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र में युवाओं की आवाज सबसे महत्वपूर्ण है और उसे अनसुना नहीं किया जा सकता।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी आगामी संसद सत्र में पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के रोजगार जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी। उन्होंने युवाओं से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और अपने भविष्य से जुड़े सवालों पर जागरूक रहने का भी आह्वान किया।
आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम को पारंपरिक राजनीतिक सभा के बजाय छात्र संवाद के रूप में आयोजित किया गया था। मंच पर सादगी का विशेष ध्यान रखा गया। कार्यक्रम के अंत में छात्रों से डिजिटल माध्यम से जुड़ने के लिए क्यूआर कोड एवं टोल-फ्री नंबर भी साझा किया गया, ताकि छात्र अपनी समस्याएं सीधे अभियान से जोड़ सकें।
कार्यक्रम में बिहार प्रदेश अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष उमेर खान, प्रदेश प्रभारी समीम खान, नेशनल कोऑर्डिनेटर रूबी खान, माइनॉरिटी प्रभारी जीनल गाला, वसीफ अहमद, सैफ अली खान, रहमत अली, कुमार आदित्य, मुन्नी मरांडी, पूनम पासवान, अनिल राम, परवेज आलम, रॉकी अली, राजू अंसारी, तौकीर आलम, इरफान आलम, विजेंद्र यादव, अल्तमश दीवान, प्रेम राय, एडवोकेट हसीब, मासूम हुसैन, सालिक साहब सहित कांग्रेस के विभिन्न पदाधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा सीमांचल के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों से आए हजारों छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में भाग लेकर शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी।
















