


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। रेत के कणों को अपनी कल्पना और हुनर से जीवंत संदेशों में बदलने वाले अंतर्राष्ट्रीय सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार के नाम एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई। अंग नगरी भागलपुर के टाउन हॉल में आयोजित अंग शिखर सम्मेलन–2026 में उन्हें कला जगत में उत्कृष्ट योगदान के लिए ‘अंग गौरव सम्मान’ से अलंकृत किया गया। यह सम्मान अंग क्षेत्र के सबसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में गिना जाता है।
राजा दानवीर कर्ण की ऐतिहासिक धरती पर आयोजित इस समारोह में सम्मान ग्रहण करते हुए मधुरेंद्र कुमार ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि उन सभी कलाकारों का है जो अपनी कला के माध्यम से समाज और संस्कृति को नई दिशा देने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने इसे अपने लिए नई जिम्मेदारी और जनहित में और अधिक सृजनात्मक कार्य करने की प्रेरणा बताया।
अंग मुक्ति दल (केंद्रीय समिति) द्वारा आयोजित समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों, बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। आयोजकों ने कहा कि मधुरेंद्र कुमार ने अपनी सैंड आर्ट और मूर्तिकला के जरिए न केवल अंग क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊँचाई दी है, बल्कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भी इस मिट्टी की प्रतिभा का परचम लहराया है।
सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर अपनी प्रभावशाली कलाकृतियों के लिए पहचान बना चुके मधुरेंद्र कुमार की कला पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, जल बचाओ, स्वच्छता और मानवीय मूल्यों जैसे संदेशों को प्रभावी ढंग से समाज तक पहुंचाती रही है। यही कारण है कि उनकी कला केवल सौंदर्य का माध्यम नहीं, बल्कि जनजागरण का भी सशक्त अभियान बन चुकी है।
सम्मान की घोषणा होते ही पूरा सभागार तालियों की गूंज से गूंज उठा। उपस्थित लोगों ने खड़े होकर उनका अभिनंदन किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सम्मान, संस्कृति और गौरव के इस संगम ने अंग शिखर सम्मेलन–2026 को यादगार बना दिया।

















