


भागलपुर : नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब कोसी नदी पर साफ दिखाई देने लगा है। सोमवार सुबह कोसी बराज से पानी का डिस्चार्ज बढ़कर 1 लाख 44 हजार 875 क्यूसेक पहुंच गया। पिछले 24 घंटे में जलप्रवाह में 39 हजार 375 क्यूसेक की वृद्धि दर्ज की गई है, जिसके बाद जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।

जल संसाधन विभाग के अनुसार, रविवार सुबह 10 बजे कोसी बराज से 1 लाख 5 हजार 500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जबकि सोमवार सुबह 10 बजे यह बढ़कर 1 लाख 44 हजार 875 क्यूसेक हो गया। महज एक दिन में जलप्रवाह में हुई इस बड़ी बढ़ोतरी ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में पूर्वी कोसी मुख्य नहर (ईकेएमसी) और पश्चिमी कोसी मुख्य नहर (डब्ल्यूकेएमसी) में पानी का प्रवाह शून्य है। ऐसे में बराज से छोड़ा गया पूरा पानी कोसी नदी की मुख्य धारा से होकर गुजर रहा है।
लगातार बढ़ते डिस्चार्ज को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने कोसी तटबंधों और संवेदनशील स्थलों की निगरानी तेज कर दी है। विभाग के अधिकारी बराज की स्थिति के साथ-साथ नेपाल से आने वाले जलप्रवाह पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
जिला प्रशासन ने भी बाढ़ संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। तटबंधों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है तथा संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को अलर्ट मोड में रहने को कहा गया है। साथ ही निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से नदी किनारे अनावश्यक आवाजाही से बचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहा, तो आने वाले दिनों में कोसी बराज से पानी का डिस्चार्ज और बढ़ सकता है। हालांकि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन प्रशासन किसी भी संभावित परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और हालात पर लगातार नजर रखे हुए है।
















