


डीएम ने एलईडी रथ व पपेट शो वाहन को दिखाई हरी झंडी
पूर्णिया। जिले में वज्रपात (ठनका) से होने वाली जन-धन की क्षति को कम करने और आम लोगों को इसके प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से पूर्णिया जिला प्रशासन ने विशेष जागरूकता अभियान की शुरुआत की है। बुधवार को जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार (भा.प्र.से.) ने समाहरणालय परिसर से वज्रपात जागरूकता एलईडी रथ एवं पपेट शो वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की कार्ययोजना के तहत शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के लोगों को वज्रपात से बचाव के उपायों की जानकारी देकर दुर्घटनाओं और मृत्यु दर में कमी लाना है। विशेष रूप से किसानों, पशुपालकों और खुले में कार्य करने वाले लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित व्यवहार अपनाने के लिए जागरूक किया जाएगा।

जिला प्रशासन ने बताया कि जागरूकता अभियान के तहत एलईडी वाहनों के माध्यम से विभिन्न पंचायतों में वज्रपात से बचाव संबंधी लघु फिल्में और जनजागरूकता संदेश प्रसारित किए जाएंगे। वहीं पपेट शो के जरिए स्थानीय भाषा और संस्कृति का उपयोग करते हुए लोगों को मनोरंजक एवं प्रभावी ढंग से जागरूक किया जाएगा।
अभियान के दौरान आपदा मित्र गांव-गांव जाकर लोगों को वज्रपात के समय अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की जानकारी देंगे। इसके साथ ही सुरक्षित रहने के लिए उकड़ू बैठने की तकनीक का लाइव प्रदर्शन भी किया जाएगा, ताकि आपात स्थिति में लोग सही तरीके से अपनी जान बचा सकें।
जागरूकता कार्यक्रम के तहत पंचायतों, विद्यालयों और हाट-बाजारों में लोगों को SACHET App, MOUSAM App और DAMINI App डाउनलोड करने तथा उनके उपयोग की जानकारी दी जाएगी, जिससे मौसम संबंधी पूर्व चेतावनी समय पर प्राप्त हो सके। इसके अलावा स्कूलों, कृषि केंद्रों, प्रमुख चौराहों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर पोस्टर, बैनर एवं पंपलेट के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया जाएगा।
प्रशासन के अनुसार प्रत्येक एलईडी जागरूकता वाहन प्रतिदिन कम से कम दो पंचायतों के आठ प्रमुख स्थलों, जिनमें चौराहा, हाट, पंचायत सरकार भवन, विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र और अस्पताल शामिल हैं, का भ्रमण कर लोगों को वज्रपात से बचाव के प्रति जागरूक करेगा।
इस अवसर पर अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) सुजय कुमार सिंह तथा एडीएम (आपदा) प्रणव कुमार सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सतर्क रहें, मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें और वज्रपात से बचाव के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन कर स्वयं तथा अपने परिवार को सुरक्षित रखें।
















