


नवगछिया : सावन माह में महादेवपुर घाट एवं आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ रही भीड़ को देखते हुए नवगछिया पुलिस ने यातायात व्यवस्था को सुचारु एवं सुरक्षित बनाए रखने के लिए नया ट्रैफिक प्लान जारी किया है। इस योजना के तहत विभिन्न दिशाओं से आने वाले वाहनों के लिए पांच पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं, जबकि महादेवपुर घाट की ओर जाने वाले चार प्रमुख मार्गों पर सभी प्रकार के वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इन मार्गों पर केवल पैदल श्रद्धालुओं को आवागमन की अनुमति होगी।

पुलिस द्वारा जारी ट्रैफिक प्लान के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले दोपहिया, तीनपहिया एवं चारपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग की व्यवस्था की गई है। बिहपुर एवं तुलसीपुर की ओर से आने वाले दोपहिया वाहन शंकरपुर स्थित नंद कुमार स्कूल परिसर (पी-1) में पार्क किए जाएंगे। वहीं भागलपुर की ओर से आने वाले वाहनों के लिए विक्रमशिला सेतु के पूर्वी बांध एवं बांध के नीचे (पी-2) पार्किंग स्थल बनाया गया है।
जीरो माइल नवगछिया की ओर से महादेवपुर घाट जाने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए जाह्नवी टीओपी के पूर्व स्थित चिमनी भट्ठा (पी-3) को पार्किंग स्थल के रूप में चिह्नित किया गया है। अधिक भीड़ होने की स्थिति में रिजर्व पार्किंग के तौर पर जाह्नवी टीओपी के पश्चिम स्थित सब्जी मंडी (पी-4) का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा जीरो माइल से आने वाले अतिरिक्त वाहनों के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित चिमनी भट्ठा (पी-5) में भी पार्किंग की व्यवस्था की गई है, जहां से श्रद्धालु आसानी से पैदल महादेवपुर घाट तक पहुंच सकेंगे।
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस ने चार प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी है। इनमें शंकरपुर नंद कुमार स्कूल से महादेवपुर घाट जाने वाली सड़क, हाई लेवल से घाट की ओर जाने वाला मार्ग, मंडल लॉज होटल से पश्चिम घाट जाने वाली पीसीसी सड़क तथा महादेवपुर घाट के टीले से मंडल लॉज होटल की ओर जाने वाली सड़क शामिल हैं। इन सभी मार्गों पर केवल पैदल श्रद्धालुओं को आने-जाने की अनुमति होगी।
नवगछिया पुलिस ने श्रद्धालुओं एवं वाहन चालकों से निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करने तथा जारी ट्रैफिक प्लान का पालन करने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि सभी के सहयोग से महादेवपुर घाट क्षेत्र में जाम की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सकेगा और सावन मेले के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित आवागमन की सुविधा उपलब्ध होगी।
















