


हर शाम भजनों की फुहार में भींगेंगे कांवरीया
@ श्रावणी मेले में एक माह तक नमामि गंगे घाट और धांधी-बेलारी में रोज सांस्कृतिक संध्या, देशभर के कलाकारों के साथ अंग संस्कृति की भी झलक।आगामी सोमवार को नमामि गंगे घाट पर प्रसिद्ध लोकगायिका मालिनी अवस्थी अपनी प्रस्तुति देंगी।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर।श्रावणी मेले में इस बार कांवरियों को केवल बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा का ही नहीं, बल्कि भक्ति, संगीत और लोक संस्कृति के अद्भुत संगम का भी आनंद मिलेगा। अगले एक माह तक आध्यात्मिक नगरी सुल्तानगंज की हर शाम शिव भक्ति के रंग में डूबी नजर आएगी। करीब नौ किलोमीटर के आध्यात्मिक क्षेत्र में रोज शाम छह बजे से रात नौ बजे तक भक्ति संगीत, लोकनृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुतियां होंगी।
दिनभर गंगाजल लेकर देवघर की ओर रवाना होने वाले कांवरिये शाम ढलते ही नमामि गंगे घाट और धांधी-बेलारी महाशिविर में सजने वाली सांस्कृतिक महफिल का हिस्सा बनेंगे। बोल बम के जयघोष, डमरू की गूंज, शिव भजनों की मधुर स्वर लहरियां और अंगिका लोकधुनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठेगा।
पर्यटन निगम, जिला प्रशासन और जिला कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में दोनों मंचों पर प्रतिदिन सांस्कृतिक संध्या आयोजित की जाएगी। हर सोमवार को देश के नामचीन कलाकार अपनी विशेष प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करेंगे।
सम्पूर्ण सावन माह सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला जारी रहेगा। जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन ने बताया कि स्थानीय कलाकारों के साथ बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और दिल्ली के कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे। मंच पर अंगिका लोकगीत, लोकनृत्य, शिव भजन, नृत्य-नाटिका और शिव महिमा पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति के साथ अंग क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भी जोड़ना है।
उन्होंने बताया कि आगामी सोमवार को नमामि गंगे घाट पर प्रसिद्ध लोकगायिका मालिनी अवस्थी अपनी प्रस्तुति देंगी। श्रावणी मेले के प्रत्येक सोमवार को देश के प्रतिष्ठित कलाकार कांवरियों के लिए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे।
















