


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। संसद में भागलपुर के विकास, औद्योगिक संभावनाओं और युवाओं के रोजगार का मुद्दा प्रमुखता से उठा। भागलपुर के सांसद अजय कुमार मंडल द्वारा लोकसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में केंद्र सरकार ने बताया कि पिछले तीन वित्तीय वर्षों में जिले को कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत कुल ₹33.14 करोड़ की राशि प्राप्त हुई है। यह धनराशि शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, आजीविका और ग्रामीण विकास जैसी योजनाओं पर खर्च की गई।

कॉरपोरेट कार्य राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने 3 अगस्त को संसद में दिए लिखित उत्तर में बताया कि वर्ष 2022-23 में भागलपुर को ₹9.05 करोड़, वर्ष 2023-24 में ₹12.86 करोड़ तथा वर्ष 2024-25 में ₹11.23 करोड़ का CSR निवेश मिला। मंत्रालय के अनुसार, इसी अवधि में बिहार में कुल ₹965.67 करोड़ का CSR व्यय हुआ, जिसमें भागलपुर की उल्लेखनीय हिस्सेदारी रही।
संसद में पूछे गए प्रश्न के दौरान स्थानीय उद्योगों और उद्यमिता को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। केंद्र सरकार ने बताया कि कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए SPICe+ (AGILE-PRO-S) पोर्टल के जरिए अब एक ही आवेदन में कंपनी पंजीकरण, PAN, TAN, GST, EPFO, ESIC और बैंक खाते सहित 11 सेवाओं की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा ₹15 लाख तक की अधिकृत पूंजी वाली नई कंपनियों के निगमन पर सरकारी शुल्क समाप्त कर दिया गया है, जिससे स्टार्टअप और छोटे उद्यमियों को राहत मिलेगी।
सांसद अजय कुमार मंडल ने कहा कि भागलपुर में CSR निवेश लगातार बढ़ रहा है और उनका प्रयास रहेगा कि इसका अधिकतम उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार में हो। उन्होंने स्वीकार किया कि फिलहाल भागलपुर के लिए अलग औद्योगिक क्लस्टर का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है, लेकिन सिल्क उद्योग, वस्त्र उद्योग, कृषि आधारित उद्योग और स्थानीय उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए वे केंद्र और राज्य सरकार के साथ लगातार प्रयासरत रहेंगे।

















