


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। सावन की पहली सोमवारी पर कहलगांव का राजघाट उत्तरवाहिनी गंगा तट आस्था, श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम बन गया। ऐतिहासिक पड़ाव संघ की 5 अगस्त को निकलने वाली 114वीं कांवर यात्रा से पहले आयोजित गंगा महाआरती और महारुद्राभिषेक ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। हर-हर महादेव और हर-हर गंगे के जयघोष, शंखनाद और घंटियों की अनुगूंज से गंगा तट देर तक गूंजता रहा।

राजघाट और श्री जागेश्वरनाथ महादेव मंदिर को रंग-बिरंगे पुष्पों और आकर्षक विद्युत सज्जा से दुल्हन की तरह सजाया गया था। जैसे ही महाआरती आरंभ हुई, दीपों की जगमगाहट और मंत्रोच्चार ने ऐसा आध्यात्मिक वातावरण बनाया कि श्रद्धालु भक्ति में डूब गए। भजनों की मधुर फुहार पर शिवभक्त झूमते, नाचते और बोल-बम के जयकारे लगाते नजर आए।
महाआरती से पहले श्री जागेश्वरनाथ महादेव मंदिर में आगामी कांवर यात्रा की सफलता और कांवरियों की कुशलता के लिए महारुद्राभिषेक का आयोजन किया गया। वाराणसी से आए आचार्य प्यारेलाल शुक्ल के नेतृत्व में आशुतोष शुक्ल, कृष्णनंद पांडे, रविंद्र मिश्रा और कृष्णकांत ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अनुष्ठान संपन्न कराया। यजमान के रूप में स्थानीय विधायक शुभानंद मुकेश, वरुण भारती, पवन चौधरी सहित कई श्रद्धालु शामिल हुए।
पड़ाव संघ के अध्यक्ष अरबिंद तथा ट्रस्ट अध्यक्ष संतोष चौधरी ने बताया कि 5 अगस्त को निकलने वाली 114वीं कांवर यात्रा को लेकर सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि महाआरती और महारुद्राभिषेक का उद्देश्य यात्रा की मंगलकामना और सभी कांवरियों की सुरक्षित एवं सफल यात्रा की प्रार्थना करना है।
कार्यक्रम में शहर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। महाआरती का सीधा प्रसारण यूट्यूब पर भी किया गया, जिससे दूर-दराज के श्रद्धालु भी इस आध्यात्मिक आयोजन से जुड़ सके। वहीं देर रात तक भजनों की फुहार भी बरसती रही।

















