


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। देवों के देव महादेव को समर्पित पावन सावन मास की पहली सोमवारी पर अंग नगरी भागलपुर पूरी तरह शिवमय हो उठी। अलसुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही शहर के प्रमुख

शिवालयों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। हाथों में गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, पुष्प और पूजा सामग्री लिए शिवभक्त ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष के साथ भगवान भोलेनाथ के दर्शन एवं जलाभिषेक के लिए उमड़ पड़े। पूरा वातावरण शिवमंत्रों, घंटियों और शंखनाद से भक्तिमय बना रहा।
पहली सोमवारी पर बने विशेष शुभ योग और नक्षत्र के कारण श्रद्धालुओं में आस्था और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने श्रद्धाभाव से भगवान शिव का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और रुद्राभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और मंगलमय जीवन की कामना की। मंदिरों में वैदिक मंत्रोच्चार, रुद्रपाठ, भजन-कीर्तन और महाआरती से श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
भागलपुर के प्रमुख शिवधामों में सुबह से देर शाम तक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। शहर के आदमपुर (जोगसर) स्थित गंगा तट पर अवस्थित प्राचीन बाबा बूढ़ानाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। वहीं सुल्तानगंज स्थित विश्वप्रसिद्ध अजगैबीनाथ मंदिर में भी शिवभक्तों ने गंगाजल अर्पित कर भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया। कहलगांव स्थित बाबा बटेश्वर स्थान और भागलपुर विश्वविद्यालय के समीप स्थित बाबा भूतनाथ मंदिर में भी दिनभर पूजा-अर्चना और विशेष धार्मिक अनुष्ठान चलते रहे।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात की व्यापक व्यवस्था की थी। प्रमुख मंदिरों में पुलिस बल और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई, जिससे दर्शन-पूजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। कई सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, शरबत, प्रसाद वितरण तथा प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था कर सेवा और धर्म का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया।
सावन की पहली सोमवारी पर उमड़ी अपार आस्था ने पूरे भागलपुर को शिवमय बना दिया। श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर इस दिव्य वातावरण में हर ओर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष गूंजते रहे, मानो स्वयं भोलेनाथ की कृपा पूरे अंग प्रदेश पर बरस रही हो।

















