


नवगछिया: राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर शुक्रवार को नवगछिया में स्थानीय बुनकरों और शिल्पकारों को प्रोत्साहित करने की अनूठी पहल की गई। नवगछिया अधिवक्ता संघ के महासचिव अजीत कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश राणा, रजनीकांत सिंह, पवन कुमार गुप्ता एवं अन्य लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर भागलपुर और नवगछिया के स्थानीय बुनकरों द्वारा निर्मित मंजूषा पेंटिंग से सुसज्जित अंगवस्त्र भेंट कर उन्हें सम्मानित किया।

भेंट किए गए अंगवस्त्रों पर अंग प्रदेश की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान मानी जाने वाली महासती बिहुला-विषहरी की लोकगाथा पर आधारित मंजूषा कला की आकर्षक चित्रकारी की गई थी। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय हथकरघा उद्योग, मंजूषा कला तथा पारंपरिक शिल्प को बढ़ावा देना और बुनकरों की कला को व्यापक पहचान दिलाना था।
इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश राणा ने कहा कि राष्ट्रीय अथवा स्थानीय स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में आने वाले अतिथियों को यदि स्थानीय बुनकरों और कलाकारों द्वारा निर्मित उत्पाद भेंट किए जाएं तो इससे न केवल क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिलेगी, बल्कि बुनकरों, हस्तशिल्पकारों और लोक कलाकारों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को सम्मान देने से ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को भी बल मिलेगा।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि भागलपुर की हथकरघा परंपरा और मंजूषा कला देश-विदेश में अपनी विशिष्ट पहचान रखती है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से स्थानीय शिल्प और कलाकारों को प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ नई पीढ़ी भी अपनी सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ सकेगी।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने प्रशासन से भी आग्रह किया कि सरकारी एवं सामाजिक कार्यक्रमों में स्थानीय बुनकरों और कलाकारों द्वारा तैयार किए गए अंगवस्त्र, हस्तशिल्प और अन्य उत्पादों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि क्षेत्र की समृद्ध कला एवं संस्कृति को व्यापक मंच मिल सके।
















