


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। सपना सिर्फ देखा नहीं था… उसे साकार करने के लिए मेहनत भी की थी।आज वही सपना एक खूबसूरत मुकाम पर पहुंचता नजर आ रहा है।
क्रिकेट के मैदान पर लगातार अपनी प्रतिभा, मेहनत और खेल के दम पर पहचान बनाने वाले कहलगांव (शोभनाथपुर) का लाडला दीपांकर सिंह राजपूत अब दरभंगा रॉयल्स की जर्सी में बिहार टी10 लीग के मंच पर अपना जलवा बिखेरते नजर आएंगे।
दीपांकर की सबसे बड़ी ताकत उनकी ऑलराउंड क्षमता है। बल्ले से रन बनाने के साथ-साथ गेंद से भी टीम के लिए अहम भूमिका निभाने की काबिलियत रखने वाले इस युवा खिलाड़ी से दरभंगा रायल्स को बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में बड़े योगदान की उम्मीद होगी।
यह सिर्फ एक खिलाड़ी का टीम में चयन नहीं, बल्कि उसके पीछे छिपी बरसों की मेहनत, संघर्ष, अभ्यास और परिवार के सपनों की जीत है।
जिस बच्चे को कभी मैदान पर खेलते हुए देखकर एक पिता ने उसके बड़े मुकाम का सपना देखा था, आज वही बच्चा बिहार टी10 के बड़े मंच तक पहुंच चुका है।
उनके गांव के ही सुमिता सिंह कहती है – दीपांकर के लिए यह शुरुआत है, मंजिल नहीं। अब नजरें होंगी बिहार T10 के मैदान पर, जहां उनकी बल्लेबाजी की धार और गेंदबाजी का दम देखने को मिलेगा। दीपांकर सिंह – ऑलराउंडर। प्रतिभा, मेहनत और आत्मविश्वास एक सपना साकार हुआ है… अब बारी है इतिहास लिखने की!

















