


कदमों को मिलता है सुकून, भूखे पेट को भोजन
@ कटोरिया के विश्वकर्मा नगर में पांच साल से जारी है संत नरहरि सोनार सेवा शिविर जहां शिवभक्तों के लिए हर सुविधा निशुल्क।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। कांवरिया पथ पर कदम बढ़ते हैं तो हर ओर गूंजता है – बोल बम! हर-हर महादेव! लेकिन इसी आस्था और तपस्या से भरी राह पर एक ऐसी जगह भी है, जहां थके हुए कदमों को आराम मिलता है, प्यासे कंठ को शीतल जल और शर्बत मिलता है और भूख से बेहाल कांवरियों को मिलता है प्रेम से परोसा गया भोजन। थकन दूर करने के लिए शीतल भवन।
कटोरिया के विश्वकर्मा नगर में पिछले पांच वर्षों से संचालित ‘संत नरहरि सोनार सेवा शिविर’ कांवरिया मार्ग पर सेवा, समर्पण और मानवता की मिसाल बन चुका है। श्री ठाकुर स्वर्णकार समाज न्यास के द्वारा संचालित यह शिविर शिवभक्तों के लिए किसी राहत केंद्र से कम नहीं है।
इस शिविर की सबसे खास बात है कि यहां मिलने वाली हर सुविधा पूरी तरह निशुल्क है। कांवरियों के विश्राम के लिए व्यवस्था से लेकर शुद्ध पेयजल, शर्बत, चाय, शुद्ध दूध, नाश्ता और भोजन तक की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।

लंबी पदयात्रा से थके कांवरियों के लिए दवाइयों की व्यवस्था भी रहती है। ताकि आस्था की इस कठिन यात्रा में स्वास्थ्य किसी के रास्ते की बाधा न बने।
यानी कोई प्यासा आए तो पानी मिले, कोई थका आए तो विश्राम मिले, कोई भूखा आए तो भोजन मिले और किसी की तबीयत बिगड़े तो दवा मिले—सेवा शिविर का यही सीधा और मानवीय सिद्धांत है।
पांच साल से जल रही सेवा की यह लौ
पांच वर्षों से लगातार चल रही इस सेवा ने कांवरिया मार्ग पर अपनी अलग पहचान बनाई है। शिवभक्तों की भीड़ के बीच शिविर के सेवाभावी कार्यकर्ता हर दिन इसी भावना के साथ जुटे रहते हैं कि बाबा के दरबार तक जाने वाले किसी भक्त को रास्ते में असुविधा न हो। यहां सेवा को धार्मिक अनुष्ठान से आगे बढ़ाकर मानव सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का रूप दिया गया है।
इस पुनीत सेवा कार्य को आगे बढ़ाने में न्यास के संरक्षकों का महत्वपूर्ण मार्गदर्शन मिल रहा है।
अमर कुमार ठाकुर (घोघरडीहा, मधुबनी), निरंजन ठाकुर (सुंदरपुर, दरभंगा), केदार ठाकुर (मधुबनी), शंभु ठाकुर (भरवाड़ा, दरभंगा), राम प्रसाद ठाकुर (बेगूसराय), कैलाश ठाकुर (जाले, दरभंगा) और ध्रुव नारायण ठाकुर (सुंदरपुर, दरभंगा) के मार्गदर्शन में सेवा का यह सिलसिला लगातार जारी है।
संरक्षक अमर कुमार ठाकुर, संस्थापक अध्यक्ष – ब्रह्म प्रकाश ठाकुर,प्रधान सचिव – श्रीराम ठाकुर,प्रधान कोषाध्यक्ष – रंजीत ठाकुर के नेतृत्व और सहयोग से शिविर में पहुंचने वाले कांवरियों को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
संत नरहरि सोनार सेवा शिविर इसी भावना को चरितार्थ कर रहा है – जहां शिवभक्ति सिर्फ पूजा में नहीं, बल्कि इंसान की सेवा में दिखाई देती है।
कांवरिया पथ पर गूंजते ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के बीच यह शिविर मानो यही कह रहा है -‘बाबा के भक्तों की सेवा ही बाबा की सच्ची पूजा है।’
















