


@ सुल्तानगंज में सावन के दूसरे सोमवार का अद्भुत नजारा; हेलीकॉप्टर से कांवरियों पर हुई पुष्पवर्षा, शिवभक्ति में डूबा सुल्तानगंज। अजगैविनाथ मंदिर से कांवरिया पथ और धांधली बेलारी तक फूलों की बारिश, हजारों कांवरियों ने कहा – ऐसा स्वागत पहले कभी नहीं देखा।
प्रदीप विद्रोह

भागलपुर। आसमान में मंडराता हेलीकॉप्टर… नीचे केसरिया सैलाब… चारों तरफ कांवरियों की भीड़ और उसी बीच अचानक आसमान से बरसने लगी फूलों की पंखुड़ियां। देखते ही देखते पूरा वातावरण ‘हर-हर महादेव’, ‘बम-बम भोले’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से गूंज उठा।
सावन के दूसरे सोमवार को भागलपुर जिले के सुल्तानगंज स्थित ऐतिहासिक अजगैविनाथ धाम में कुछ ऐसा ही अद्भुत और मनमोहक दृश्य देखने को मिला। देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा के प्रमुख द्वार के रूप में प्रसिद्ध सुल्तानगंज में इस बार कांवरियों का स्वागत परंपरागत तरीके से हटकर किया गया। बिहार सरकार के विशेष दिशा-निर्देशों के तहत जिला प्रशासन की ओर से हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर शिवभक्तों का स्वागत किया गया।
आसमान से गिरती फूलों की पंखुड़ियों और धरती पर उमड़ते आस्था के सैलाब ने सावन के दूसरे सोमवार को यादगार बना दिया।
जब आसमान से उतरी शिवभक्ति की ‘फूलों वाली चादर’:
सुबह से ही अजगैविनाथ धाम और कांवरिया पथ पर कांवरियों का सैलाब उमड़ रहा था। गेरुआ वस्त्रों में सजे शिवभक्त, कंधे पर कांवर और जुबान पर भोलेनाथ का नाम – पूरा सुल्तानगंज मानो शिवमय हो उठा था।
इसी बीच हेलीकॉप्टर ने आसमान में चक्कर लगाना शुरू किया और कुछ ही क्षणों में श्रद्धालुओं पर फूलों की पंखुड़ियां बरसने लगीं। फूलों की बारिश होते ही कांवरियों में उत्साह की लहर दौड़ गई। श्रद्धालु हाथ उठाकर जयकारे लगाने लगे। कई कांवरियों ने इस दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया।
‘हर-हर महादेव’ के नारों से वातावरण ऐसा गूंजा कि कुछ देर के लिए पूरा कांवरिया पथ मानो एक विशाल शिवधाम में बदल गया।
मंदिर से कांवरिया पथ तक पुष्पवर्षा:
जिला प्रशासन ने पुष्पवर्षा को केवल मंदिर परिसर तक सीमित नहीं रखा था। कांवरियों के प्रमुख आवागमन वाले इलाकों को भी इस विशेष आयोजन में शामिल किया गया।
हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा के प्रमुख स्थल रहे – मुख्य अजगैविनाथ मंदिर परिसर,कांवरिया पथ का क्षेत्र, धांधली बेलारी कांवरिया धर्मशाला एवं आसपास का इलाका।
इन स्थानों पर फूलों की पंखुड़ियों की बारिश ने कांवरियों के उत्साह को कई गुना बढ़ा दिया। लंबी यात्रा की थकान और पैरों की परेशानी के बीच जब श्रद्धालुओं पर फूल बरसे तो उनके चेहरे खिल उठे।
दूर-दराज के इलाकों से पहुंचे कई श्रद्धालुओं ने जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए इसे कांवरियों के सम्मान और स्वागत का अनूठा तरीका बताया।
लाखों की आस्था के बीच अफसर भी रहे मैदान में
इतने बड़े आयोजन के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव स्वयं अजगैविनाथ मंदिर पहुंचे और मौके पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
दोनों अधिकारियों ने मंदिर परिसर सहित आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया तथा कांवरियों की भीड़, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली।
जिला एवं प्रखंड स्तर के अनेक वरीय पदाधिकारी, पुलिस अधिकारी और बड़ी संख्या में सुरक्षा बल मौके पर तैनात रहे। प्रशासन की कोशिश रही कि आस्था के इस विशाल जनसैलाब के बीच किसी भी श्रद्धालु को परेशानी न हो।
सुरक्षा और यातायात की विशेष व्यवस्था के बीच श्रद्धालु क्रमबद्ध तरीके से आगे बढ़ते रहे। गेरुआ वस्त्रों में कांवरियों की लंबी कतारें और उनके साथ लगातार गूंजते भोलेनाथ के जयकारे ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
सुल्तानगंज में हेलीकॉप्टर से हुई पुष्पवर्षा पूरे आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही। कांवरियों के लिए यह सिर्फ फूलों की बारिश नहीं थी, बल्कि उनके कठिन पैदल सफर के बीच सम्मान और स्वागत का भाव भी था।
अजगैविनाथ धाम में सावन के दूसरे सोमवार का यह दृश्य लंबे समय तक श्रद्धालुओं की स्मृतियों में बना रहने वाला है – नीचे आस्था का अथाह सैलाब और ऊपर से बरसते फूल।
जिला प्रशासन की ओर से भागलपुर जिले के विभिन्न कांवरिया पथ स्थलों पर आयोजित कार्यक्रमों एवं पुष्पवर्षा के कवरेज के लिए मीडिया प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया था। अजगैविनाथ, सुल्तानगंज, लहुआ मोड़, असरगंज और धांधली बेलारी को प्रमुख कार्यक्रम स्थलों में शामिल किया गया।
सावन के दूसरे सोमवार को सुल्तानगंज में जो दृश्य दिखाई दिया, उसमें आस्था के साथ प्रशासनिक तैयारियों और श्रद्धालुओं के स्वागत का उत्सवी रंग भी नजर आया। एक ओर गंगा में डुबकी लगाकर कांवर उठाते शिवभक्त थे, दूसरी ओर मंदिर में पूजा-अर्चना का सिलसिला जारी था और इसी बीच आसमान से होती पुष्पवर्षा ने पूरे माहौल को और भव्य बना दिया।
फूलों की पंखुड़ियों से सजा कांवरिया पथ, हजारों कंठों से निकला ‘हर-हर महादेव’ और भोलेनाथ के नाम के साथ आगे बढ़ता कांवरियों का कारवां—सावन के दूसरे सोमवार को अजगैविनाथ धाम में आस्था का यह दृश्य सचमुच अद्भुत और अविस्मरणीय बन गया।
















