


सबौर कॉलेज में 16 अगस्त को राष्ट्रीय मंथन
@ देशभर के शिक्षाविद जुटेंगे, शिक्षा के साथ कौशल, रोजगार, नवाचार और उद्यमिता पर होगा विमर्श।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। शिक्षा को सिर्फ डिग्री तक सीमित रखने के बजाय उसे कौशल, रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की दिशा में सबौर महाविद्यालय, सबौर में 16 अगस्त को एकदिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया जाएगा। ‘नई शिक्षा नीति 2020 : आत्मनिर्भर भारत की ओर एक मार्ग’ विषय पर होने वाले इस राष्ट्रीय विमर्श में नई शिक्षा नीति के जरिए बदलते शैक्षणिक परिदृश्य और विद्यार्थियों के भविष्य पर मंथन होगा।
सेमिनार में तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) विमलेन्दु शेखर झा मुख्य अतिथि तथा ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के कुलपति प्रो. (डॉ.) संजय कुमार चौधरी मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे। शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों, शिक्षकों, शिक्षकेत्तर कर्मियों और छात्र-छात्राओं की भागीदारी कार्यक्रम को व्यापक स्वरूप देगी।

किताबों से आगे रोजगार तक की शिक्षा पर जोर
महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) संजय कुमार झा के अनुसार नई शिक्षा नीति केवल पाठ्यक्रम बदलने की पहल नहीं है, बल्कि इसका व्यापक उद्देश्य विद्यार्थियों को कौशल, नवाचार, अनुसंधान, उद्यमिता और रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराना महाविद्यालय की प्राथमिकता है।
इसी सोच के साथ महाविद्यालय परिसर में पढ़ाई के माहौल को बेहतर बनाने के लिए आधारभूत संरचना पर भी काम चल रहा है। लंबे समय से उपेक्षित साइकिल स्टैंड का जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। छात्र कॉमन रूम को भी नया रूप दिया जा रहा है। इसके अलावा भवन के रंग-रोगन और परिसर के सौंदर्यीकरण का कार्य जारी है।
















