


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर।भागलपुर टाउन हॉल मंगलवार को सिर्फ एक सरकारी आयोजन का मंच नहीं, बल्कि सूरज की रोशनी को घर की बिजली में बदलने की मुहिम का केंद्र बना। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को गति देने के लिए आयोजित एक दिवसीय भव्य सोलर-सह-लोन मेला में बड़ी संख्या में उपभोक्ता पहुंचे और अपने घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की जानकारी ली।

मेले का सबसे बड़ा असर आंकड़ों में नजर आया। 111 उपभोक्ताओं ने घरों में सोलर सिस्टम लगाने के लिए मौके पर ही पंजीकरण कराया। वहीं मेले के दौरान 5 उपभोक्ताओं के लोन स्वीकृत किए गए, जबकि पहले से स्वीकृत 5 अन्य लोन मामलों का तकनीकी समाधान कर संबंधित खातों में राशि उपलब्ध कराई गई।
बिजली बिल से राहत का रास्ता:
कार्यक्रम का उद्घाटन ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल, जिला पदाधिकारी अलंकृता पांडेय, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव, भागलपुर विधानसभा के विधायक रोहित पांडेय सहित वरीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने किया।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि सौर ऊर्जा पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आम परिवारों के बिजली खर्च को कम करने का प्रभावी माध्यम है। मेले में विभागीय अभियंताओं ने लोगों की तकनीकी जिज्ञासाओं का समाधान किया और सोलर पैनल लगाने से लेकर आवेदन की प्रक्रिया तक की जानकारी दी।
खास आकर्षण उन उपभोक्ताओं का सम्मान रहा, जिनके घरों में सौर ऊर्जा के जरिए बिजली बिल शून्य तक पहुंचा है।
₹98 हजार तक की सब्सिडी:
मेले में उपभोक्ताओं को योजना के आर्थिक लाभ की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं को 3 किलोवाट तक के सोलर सिस्टम पर केंद्र सरकार से ₹78,000 और राज्य सरकार से ₹20,000, यानी कुल ₹98,000 तक की सब्सिडी दी जा रही है।
सौर ऊर्जा से घर की जरूरत की बिजली तैयार होने पर उपभोक्ताओं का बिजली बिल काफी कम हो सकता है और परिस्थितियों के अनुसार शून्य तक पहुंच सकता है।
एक छत, दो फायदे – सोलर भी, लोन भी:
मेले की खासियत यह रही कि उपभोक्ताओं को सोलर पैनल और बैंक लोन के लिए अलग-अलग जगह भटकने की जरूरत नहीं पड़ी। विभिन्न बैंकों और सोलर कंपनियों ने अपने स्टॉल लगाए, जहां लोगों को सोलर सिस्टम की तकनीकी जानकारी, आवेदन प्रक्रिया और आसान वित्तीय सुविधा के बारे में बताया गया।
बैंकों के प्रतिनिधियों ने लोन के त्वरित निष्पादन की प्रक्रिया समझाई, जबकि सोलर कंपनियों के प्रतिनिधियों ने पैनल, क्षमता और स्थापना से जुड़ी जानकारी दी।
भागलपुर ने पकड़ी ‘ग्रीन पावर’ की राह:
मेले में हजारों स्थानीय नागरिकों और उपभोक्ताओं ने भाग लिया। लोगों की दिलचस्पी यह संकेत देती रही कि घरेलू बिजली की जरूरत पूरी करने के लिए सौर ऊर्जा अब केवल पर्यावरण संरक्षण का विकल्प नहीं, बल्कि बिजली खर्च घटाने का व्यावहारिक रास्ता भी बन रही है।
















