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बीती रात 2:30 बजे मिली सूचना के बाद मचा हड़कंप, कजिकोरैया-राघोपुर मार्जिनल बांध पर युद्धस्तर पर बचाव कार्य। प्रशासन ने कहा-घबराने की जरूरत नहीं।राघोपुर का बांध ध्वस्त होने के बाद ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल का घर जलमग्न व गांव में पानी फैल गया। खास बात यह है कि ऊर्जा मंत्री और पथ निर्माण विभाग मंत्री – दोनों का गृह क्षेत्र खरीक प्रखंड से जुड़ा है।

प्रदीप विद्रोही

भागलपुर / नवगछिया । रात का सन्नाटा था। घड़ी की सुई करीब ढाई बजे पहुंची थी। तभी नवगछिया अनुमंडल के खरीक अंचल में कजिकोरैया-राघोपुर मार्जिनल बांध से कटाव की खबर ने प्रशासन की नींद उड़ा दी। नींद उड़ना भी लाज़मी था कारण कटाव के बाद बदलती धार ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल के घर व गांव में जा घुसा। मंत्री के घर को बाढ़ का पानी पूरी तरह जलमग्न कर दिया।दो मंत्री भी बांध को नहीं बचा सके।खास बात यह है कि ऊर्जा मंत्री और पथ निर्माण विभाग मंत्री – ई शैलेन्द्र दोनों का गृह क्षेत्र खरीक प्रखंड से जुड़ा है, बावजूद इसके राघोपुर बांध को ध्वस्त होने से नहीं बचाया जा सका।


राघोपुर गांव के लोग वर्ष 2004 से बाढ़ की समस्या का सामना करते आ रहे हैं। वर्ष 2004 से ही इस क्षेत्र में जमीनदारी बांध के कटाव की समस्या बनी हुई है। वर्ष 2005 से कटावरोधी कार्य शुरू किए गए थे। विभाग द्वारा अलग-अलग समय में करीब 14 करोड़ रुपये तथा अन्य चरणों में बड़ी राशि खर्च कर कटावरोधी कार्य कराए जाने की बात सामने आ रही है। करीब नौ किलोमीटर क्षेत्र में पहले भी कटाव की समस्या रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार लगभग 14 वर्षों बाद इस बार राघोपुर तटबंध पर बाढ़ के पानी का दबाव काफी बढ़ा, जिसके कारण तटबंध टूट गया। जिस स्थान पर बांध टूटा है, वह ऊर्जा मंत्री के आवास से करीब चार किलोमीटर दूर बताया जा रहा है। बाध टूटन के बाद कराब पाच हजार का आबादी बाढ़ के पानी से प्रभावित हुई है। यदि गंगा का जलस्तर और बढ़ता है तो आसपास के अन्य गांवों में भी बाढ़ का पानी फैलने की आशंका है।


इधर, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी स्थिति की जानकारी ली है। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा मंत्री से फोन पर बातचीत कर राघोपुर में बाढ़ की स्थिति और तटबंध टूटने के बाद किए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली।
आधी रात से ही प्रभावित गांवों में हाहाकार की स्थिति उत्पन्न हो गई। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर बचाव कार्य भी शुरू कर दिया। पश्चात जिला प्रशासन को कटाव की जानकारी दी गई।
इधर वार्ड संख्या-12 के शंकरपुर टोला के समीप बांध में कटाव की सूचना मिलते ही सरकारी मशीनरी भी हरकत में आ गई। सुबह होने का इंतजार नहीं किया गया। जिला प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारी व अभियंता मौके की ओर रवाना हो गए। जिलाधिकारी अंलकृता पांडे, अपर समाहर्ता (आपदा), नवगछिया के अनुमंडल पदाधिकारी और बाढ़ नियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता समेत संबंधित अधिकारी एवं अभियंता मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। अधिकारी वहीं कैंप कर रहे हैं और पल-पल की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
बांध कटा तो पानी ने बदली दिशा:
कटाव के कारण पानी नवगछिया की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में सबसे बड़ी चुनौती पानी के प्रवाह को नियंत्रित करना और कटाव को आगे बढ़ने से रोकना है। इसके लिए बाढ़ नियंत्रण विभाग के अभियंता और तकनीकी कर्मी युद्धस्तर पर जुटे हुए हैं।
कटाव को नियंत्रित करने के लिए मौके पर आवश्यक संसाधन और सामग्री उपलब्ध कराई गई है। बांध को सुरक्षित रखने के लिए सुरक्षात्मक कार्य लगातार जारी है। अधिकारी और कर्मी मौके पर डटे हैं, ताकि स्थिति किसी बड़े संकट का रूप न ले सके।
आधी रात से ही मोर्चे पर प्रशासन:
कटाव की सूचना के बाद प्रशासन की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वरिष्ठ अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर हालात की निगरानी कर रहे हैं। बाढ़ नियंत्रण विभाग की पूरी टीम को कटाव रोकने और पानी के प्रवाह को नियंत्रित करने में लगाया गया है। प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल बांध की सुरक्षा और आसपास के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार तत्काल कदम उठाने की तैयारी है।
अफवाहों से बचने की अपील:
बांध में कटाव की खबर के बाद लोगों में चिंता स्वाभाविक है। हालांकि जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घबराने की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग की पूरी टीम मौके पर मुस्तैदी से काम कर रही है।
आम लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक माध्यमों से प्राप्त सूचनाओं पर भरोसा करें। साथ ही प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
फिलहाल शंकरपुर के समीप बांध पर मशीनों, संसाधनों और प्रशासनिक निगरानी के बीच कटाव को रोकने की जंग जारी है। रात के अंधेरे में शुरू हुआ यह संकट अब प्रशासन के लिए दिनभर की सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।

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