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@ रातभर चला बचाव अभियान, 250 मजदूरों के साथ 20 नाव और भारी मशीनरी मोर्चे पर; प्रशासन ने कहा—स्थिति नियंत्रण में।

भागलपुर। गंगा के बढ़ते जलस्तर और तेज कटाव ने खरीक प्रखंड के काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल बांध की सुरक्षा को एक बार फिर चुनौती दी है। सोमवार तड़के करीब 2 बजे E-Nose के डाउनस्ट्रीम में राघोपुर बांध-सह-रेलवे टैगिंग बांध का करीब 30 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। नदी के लगातार बढ़ते दबाव के बीच प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें युद्धस्तर पर बचाव कार्य में जुटी हैं। यह जानकारी जिला प्रशासन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में दी गई है।
कटाव के बाद दोनों कट एंड को सुरक्षित रखने और पानी के फैलाव को रोकने के लिए रिंग बांध का निर्माण शुरू कर दिया गया है। मौके पर करीब 250 श्रमिक, 20 नाव, 16 ट्रैक्टर, एक पोकलेन और दो जेसीबी लगातार काम कर रहे हैं।करीब 6.50 किलोमीटर लंबे इस मार्जिनल बांध पर गंगा की धारा इस मानसून में लगातार दबाव बनाए हुए है। नदी के बीच शोल बनने के कारण धारा का रुख बांध की ओर होने से कटाव का खतरा बढ़ा है।
26 जुलाई को D-Nose के पास करीब 110 मीटर हिस्से में कटाव सामने आया था। विभागीय अधिकारियों और अभियंताओं ने दिन-रात अभियान चलाकर अगले ही दिन सुबह करीब 4 बजे कटाव को नियंत्रित कर लिया था। इसके बाद क्षतिग्रस्त हिस्से को मजबूत करने के लिए 110 मीटर लंबाई में एनसी बेस, बंबू रोल और हाथी पांव से सुरक्षा कार्य कराया गया। एहतियात के तौर पर D-Nose के अपस्ट्रीम में भी 250 मीटर क्षेत्र में 10-10 मीटर के अंतराल पर 25 स्लोपिंग बेड बार बनाए गए थे।
17 अगस्त से अफसरों की विशेष टीम कैंप कर रही
लगातार कटाव को देखते हुए विभाग ने मौके पर अभियंताओं की तैनाती बढ़ा दी है। मूल रूप से तैनात एक सहायक अभियंता और चार कनीय अभियंताओं के अलावा पालीवार एक सहायक अभियंता और दो कनीय अभियंताओं की टीम लगाई गई है। एक अतिरिक्त कार्यपालक अभियंता को भी तैनात किया गया है।


17 अगस्त से अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता और सहायक अभियंता की विशेष टीम मौके पर कैंप कर रही है। अभियंता पालीवार स्थल की निगरानी कर रहे हैं।
फरक्का से पानी की निकासी पर भी जोर
गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए फरक्का बराज से जलश्राव की शीघ्र निकासी का मुद्दा भी उठाया गया है। जिला प्रशासन के अनुसार, बराज के जीएम को पत्र भेजा गया है। वहीं, बिहार में गंगा के बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री से फोन पर फरक्का बराज के सभी गेट खोलने का आग्रह किया है। बराज के गेट संचालन की स्थिति की जानकारी लेने के लिए विभागीय दल को फरक्का भेजा गया है।
डीएम समेत आला अधिकारी कर रहे निगरानी
कटाव स्थल पर जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग के वरीय अधिकारी लगातार नजर बनाए हुए हैं। जिलाधिकारी भागलपुर, वरीय पुलिस अधीक्षक नौगछिया, अनुमंडल पदाधिकारी नौगछिया और अपर समाहर्ता आपदा ने स्थल का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया है।जिला प्रशासन के मुताबिक फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन गंगा के तेज प्रवाह और लगातार कटाव को देखते हुए सुरक्षा कार्य लगातार जारी रहेगा।

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