


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। अंग की ऐतिहासिक धरती पर कृषि के भविष्य को लेकर राष्ट्रीय स्तर का बड़ा आयोजन होने जा रहा है। बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU), सबौर में 28 और 29 नवंबर 2026 को ANGA-2026 (Advancements for Next Generation Agriculture) का आयोजन किया जाएगा। दो दिवसीय इस आयोजन में अगली पीढ़ी की कृषि, आधुनिक तकनीक, नवाचार और कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान के बदलते स्वरूप पर व्यापक मंथन होगा।

आयोजन की मुख्य थीम ‘From the Land of Anga to the Future of Agriculture’ रखी गई है। अंग की समृद्ध कृषि परंपरा को आधुनिक तकनीक और नवाचार से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर के कृषि वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं और युवा नवाचारियों के शामिल होने की उम्मीद है।
परंपरागत खेती से स्मार्ट कृषि तक:
ANGA-2026 के माध्यम से कृषि क्षेत्र में हो रहे तकनीकी बदलावों और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल तकनीक और अन्य आधुनिक कृषि प्रणालियों के माध्यम से खेती को अधिक टिकाऊ, उत्पादक और लाभकारी बनाने के उपायों पर विचार-विमर्श होगा।
आयोजन का मूल मंत्र “Innovate, Integrate, Inspire, Impact” रखा गया है। इसके तहत कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने, विभिन्न संस्थानों और विशेषज्ञों के बीच समन्वय स्थापित करने तथा नई तकनीकों के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया जाएगा।

कृषि शिक्षा और अनुसंधान पर भी होगा मंथन:
इंडियन एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटीज एसोसिएशन (IAUA), नई दिल्ली और बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में कृषि शिक्षा और अनुसंधान को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप विकसित करने पर भी चर्चा होगी। बदलते जलवायु परिवेश, किसानों की आय, टिकाऊ कृषि और नई तकनीकों की उपयोगिता जैसे विषय भी आयोजन के प्रमुख केंद्र में रह सकते हैं।
अंग क्षेत्र को मिलेगी नई पहचान:
भागलपुर और अंग क्षेत्र लंबे समय से कृषि की समृद्ध परंपरा के लिए जाना जाता है। ऐसे में सबौर में ANGA-2026 का आयोजन क्षेत्र की कृषि क्षमता, अनुसंधान और नवाचार को राष्ट्रीय स्तर पर सामने लाने का अवसर माना जा रहा है। आयोजन के जरिए अंग की कृषि विरासत को आधुनिक कृषि के भविष्य से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
















