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आर्ट ऑफ लिविंग के बिहार महोत्सव में लोकगीत, लोकनृत्य, खान-पान और आध्यात्मिक परंपराओं का दिखा भव्य संगम; डॉ. एके गुप्ता ने साझा किया अनुभव

पूर्णिया। बेंगलुरु स्थित द आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित बिहार महोत्सव में बिहार की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और विरासत का भव्य स्वरूप देखने को मिला। 3 से 6 सितंबर तक चले महोत्सव में लोकगीत, लोकनृत्य, पारंपरिक खान-पान, हस्तशिल्प, पर्यटन और आध्यात्मिक परंपराओं के जरिए बिहार की सांस्कृतिक पहचान को देश के सामने प्रस्तुत किया गया।

महोत्सव का उद्घाटन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर की मौजूदगी में किया। उद्घाटन समारोह में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार और मंत्री मोहम्मद जमा खान समेत कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।

महोत्सव में पूर्णिया से समाजसेवी डॉ. एके गुप्ता और भाजपा महिला मोर्चा की जिला कोषाध्यक्ष पिंकी गुप्ता भी शामिल हुईं। विशेष कार्य के कारण दोनों समापन से पहले पूर्णिया लौट आए। लौटने के बाद अनुभव साझा करते हुए डॉ. गुप्ता ने कहा कि बेंगलुरु जैसे महानगर में बिहार की संस्कृति को इतने व्यापक और आत्मीय मंच पर देखना गौरव का अनुभव रहा। लोकगीत और लोकनृत्य से लेकर पारंपरिक खान-पान व आध्यात्मिक प्रस्तुतियों तक ने बिहार की जीवंत सांस्कृतिक तस्वीर पेश की।

बिहार के विकास और पुनौराधाम का हुआ उल्लेख

उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए सीतामढ़ी के पुनौराधाम में मां सीता का भव्य मंदिर स्थापित किए जाने की बात कही। उन्होंने प्रवासी बिहारियों से अपनी कर्मभूमि के साथ जन्मभूमि के विकास में भी योगदान देने की अपील की।

गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर ने बिहार से अपने दशकों पुराने जुड़ाव को याद करते हुए राज्य में हो रहे विकास कार्यों की सराहना की। उन्होंने पुराने और वर्तमान बिहार के बीच आए बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों के बीच काफी अंतर है। उन्होंने बेंगलुरु स्थित आश्रम में 200 से अधिक बिहारियों के विभिन्न दायित्वों में योगदान देने की जानकारी भी साझा की।

गुरुदेव ने तनावमुक्त और संतुलित जीवन के लिए सुदर्शन क्रिया, योग, ध्यान और प्राणायाम के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने पूर्णिया के सरसी से अपने जुड़ाव का भी उल्लेख किया।

सरसी में चल रही आर्ट ऑफ लिविंग की गतिविधियां

डॉ. गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2022 में सरसी का प्रसिद्ध हनुमान मंदिर आर्ट ऑफ लिविंग संस्था को सौंपे जाने के बाद वहां योग, ध्यान, प्राणायाम, सुदर्शन क्रिया और सामाजिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों से स्थानीय स्तर पर सकारात्मक वातावरण बना है।

भाजपा महिला मोर्चा की जिला कोषाध्यक्ष पिंकी गुप्ता ने महोत्सव को यादगार बताते हुए कहा कि बिहार की लोक संस्कृति और महिलाओं की सहभागिता को इतने बड़े मंच पर स्थान मिलना विशेष रूप से प्रभावशाली रहा। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने और बिहार की सांस्कृतिक पहचान को व्यापक समाज तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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