


@ देशभर के शिक्षाविदों के आलेख होंगे शामिल, गुणवत्ता से समझौता नहीं करने का संदेश।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के विभिन्न आयामों और विकसित भारत की परिकल्पना को केंद्र में रखकर सबौर महाविद्यालय, सबौर एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक प्रकाशन की तैयारी में जुट गया है। महाविद्यालय द्वारा प्रस्तावित संपादित पुस्तक ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 : विकसित भारत की नींव’ के ब्रोशर का विधिवत अनावरण किया गया।

महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रोफेसर (डॉ.) संजय कुमार झा ने संपादक मंडल के सदस्यों के साथ ब्रोशर का अनावरण किया। संपादक मंडल में डॉ. राकेश रंजन, डॉ. कुमार नित्य गोपाल, डॉ. मोहम्मद शहाबुद्दीन, डॉ. अभिषेक कुमार, डॉ. मोहिनी कुमारी एवं डॉ. मयंक वत्स शामिल हैं।
देशभर के शिक्षाविदों के आलेख होंगे शामिल:
प्रस्तावित पुस्तक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के साथ-साथ उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, कौशल विकास, नवाचार, अनुसंधान, डिजिटल शिक्षा तथा आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में शिक्षा की भूमिका जैसे समसामयिक विषयों पर शोधपरक आलेख प्रकाशित किए जाएंगे।
इसके लिए बिहार समेत देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, विश्वविद्यालयी विभागों और प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों से जुड़े शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विषय विशेषज्ञों से गुणवत्तापूर्ण शोध आलेख आमंत्रित किए जा रहे हैं। शीघ्र ही विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों को आलेख आमंत्रण भेजा जाएगा।
अगले माह ISBN के साथ प्रकाशन का लक्ष्य
प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) संजय कुमार झा ने बताया कि पुस्तक को अगले माह तक ISBN नंबर के साथ प्रकाशित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के विभिन्न पक्षों को समझने के साथ-साथ विकसित भारत के निर्माण में शिक्षा की भूमिका को रेखांकित करने वाला महत्वपूर्ण शैक्षणिक दस्तावेज बनेगी।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि महाविद्यालय द्वारा अंग्रेजी भाषा में एक अन्य संपादित पुस्तक प्रकाशित करने की दिशा में भी काम शुरू कर दिया गया है। इसकी रूपरेखा तैयार की जा रही है तथा संपादक मंडल विषय-वस्तु और प्रकाशन की प्रक्रियाओं को अंतिम रूप देने में जुटा है।
गुणवत्ता से समझौता नहीं करने का संदेश:
प्रधानाचार्य ने संपादक मंडल के सदस्यों से पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पुस्तक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और विकसित भारत की संकल्पना से जुड़े उच्च स्तरीय, मौलिक एवं शोधपरक आलेखों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि यह प्रकाशन लंबे समय तक शिक्षा जगत के लिए उपयोगी और संदर्भनीय बना रहे।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के वरीय शिक्षकगण, प्रधान सहायक राकेश ठाकुर सहित शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे। उपस्थित सदस्यों ने इस शैक्षणिक पहल की सराहना करते हुए संपादक मंडल को पुस्तक के सफल प्रकाशन के लिए शुभकामनाएं दीं।

















